गढ़वा जिले के मझिआंव प्रखंड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय दलको के प्रभारी प्रधानाध्यापक आलोक कुमार को निलंबित कर दिया गया है। उन पर शराब का सेवन कर विद्यालय आने का आरोप है। ग्रामीणों की शिकायत पर कराई गई जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, ग्रामीणों ने 22 अक्टूबर 2026 को प्रभारी प्रधानाध्यापक के कथित रूप से नशे की हालत में विद्यालय पहुंचने की शिकायत की थी। मामले की जांच एक अधिकारी को सौंपी गई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कदम उठाने का निर्णय लिया गया।
उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा के निर्देश पर जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज ने निलंबन आदेश जारी किया। यह कार्रवाई झारखंड सेवा संहिता की धारा 99 तथा झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के प्रावधानों के तहत की गई है।
निलंबन की अवधि में आलोक कुमार का मुख्यालय क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, नगर ऊंटारी का कार्यालय निर्धारित किया गया है। आदेश के मुताबिक उन्हें वहां नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इस अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
निलंबन के साथ ही मामले की प्रक्रिया समाप्त नहीं हुई है। आदेश में प्रभारी प्रधानाध्यापक के विरुद्ध अलग से आरोप पत्र तैयार कर विभागीय कार्यवाही चलाने की बात भी कही गई है। इससे आरोपों की विभागीय स्तर पर आगे जांच और सुनवाई का रास्ता खुला रहेगा।
जिला प्रशासन ने कार्रवाई के संदर्भ में कहा है कि सरकारी सेवा में अनुशासन, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। फिलहाल कार्रवाई जांच में सामने आए प्रथम दृष्टया निष्कर्ष पर आधारित है और आगे की विभागीय कार्यवाही में मामले पर नियमानुसार निर्णय होगा।