लातेहार जिले के नेतरहाट आवासीय विद्यालय में 12वीं के बाद कानून के क्षेत्र में पढ़ाई और करियर की संभावनाओं पर ऑनलाइन ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किया गया। ‘लॉ एज ए करियर आफ्टर 12वीं स्टैंडर्ड’ विषय पर हुए कार्यक्रम में करीब 35 विद्यार्थी शामिल हुए। सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक विकल्पों के साथ विधि शिक्षा की राह समझाना था।
गूगल मीट के माध्यम से दोपहर एक से दो बजे तक चले सत्र के मुख्य वक्ता रांची विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज के सहायक प्राध्यापक प्रियांशु कुमार त्रिपाठी थे। उन्होंने 12वीं के बाद उपलब्ध विधि पाठ्यक्रमों के बारे में बताया। इनमें पांच वर्षीय एकीकृत बीए एलएलबी और बीबीए एलएलबी कार्यक्रम भी शामिल थे।
विद्यार्थियों को कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट यानी क्लैट की तैयारी और परीक्षा की संरचना से भी परिचित कराया गया। सत्र में तार्किक क्षमता, सामान्य ज्ञान, अंग्रेजी भाषा और समसामयिक घटनाओं की नियमित पढ़ाई के महत्व पर चर्चा हुई। विद्यार्थियों को शुरुआती चरण में लक्ष्य तय करके नियमित अध्ययन करने की सलाह दी गई।
इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज के विद्यार्थी ऋषभ राज और कृष्णांशु करमाकर ने विधि शिक्षा से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मूट कोर्ट, वाद-विवाद, शोध लेखन और इंटर्नशिप जैसी गतिविधियां कानूनी पढ़ाई का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को विषय की व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिलता है।
नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ, रांची की रिसर्च एसोसिएट हर्षा अग्रवाल ने कानून के क्षेत्र में उच्च शिक्षा, अनुसंधान और व्यावसायिक अवसरों की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विधि शिक्षा तथा क्लैट से संबंधित सवाल पूछे, जिनका वक्ताओं ने जवाब दिया।
कार्यक्रम विद्यालय के प्राचार्य संतोष कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। प्रशासी पदाधिकारी रौशन कुमार बक्शी ने समन्वयक की भूमिका निभाई, जबकि आयोजन दल में शिक्षक डॉ. अभिषेक मिश्रा और डॉ. आरसी गुप्ता शामिल रहे। विद्यालय के अनुसार, सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को समय रहते शैक्षणिक लक्ष्य निर्धारित करने और कानून के क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न संभावनाओं को समझने में सहायता देना था।