गढ़वा जिले के बैतरी से सरकारी विद्यालयों की रसोई व्यवस्था से जुड़ी चिंता सामने आई है। प्रकाशित विवरण के अनुसार, गैस संकट के कारण यहां मध्याह्न भोजन यानी एमडीएम लकड़ी के चूल्हे पर बनाया जा रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकारी विद्यालय गैस की समस्या से जूझ रहे हैं। इसी स्थिति में बैतरी के विद्यालय में बच्चों के भोजन की व्यवस्था लकड़ी के चूल्हे के सहारे चल रही है। मामला सीधे स्कूलों में चलने वाली भोजन व्यवस्था से जुड़ा होने के कारण स्थानीय स्तर पर इसका महत्व बढ़ जाता है।
मध्याह्न भोजन योजना विद्यालयों में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने से जुड़ी व्यवस्था है। ऐसे में रसोई गैस की उपलब्धता प्रभावित होने पर भोजन बनाने के तरीके पर असर पड़ना स्वाभाविक है। उपलब्ध जानकारी में समस्या का केंद्र गैस संकट और उसके कारण अपनाई गई वैकल्पिक व्यवस्था को बताया गया है।
बैतरी के मामले में प्रकाशित शीर्षक और विवरण से यही स्पष्ट होता है कि भोजन बनना बंद नहीं हुआ है, लेकिन गैस के स्थान पर लकड़ी के चूल्हे का इस्तेमाल किया जा रहा है। रिपोर्ट में किसी अधिकारी, विभागीय कार्रवाई, समयसीमा या समाधान का अलग से उल्लेख नहीं है।
इस तरह की स्थिति सरकारी विद्यालयों में बुनियादी आपूर्ति और संचालन व्यवस्था पर ध्यान खींचती है। फिलहाल उपलब्ध तथ्य सीमित हैं, इसलिए यह कहा जा सकता है कि गढ़वा के बैतरी में गैस संकट के बीच एमडीएम बनाने की व्यवस्था लकड़ी के चूल्हे पर निर्भर बताई गई है।