गढ़वा के रुद संरक्षित वन में मिला भालू का शव, मौत के कारणों की जांच शुरू

बड़गड़ प्रखंड के रुद संरक्षित वन में भालू का शव मिलने के बाद वन विभाग ने पोस्टमार्टम कराया। शरीर पर चोट का निशान मिलने के कारण संभावित शिकार समेत विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।

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गढ़वा के रुद संरक्षित वन में भालू का शव मिलने के बाद जांच करती वन विभाग की टीम

गढ़वा जिले के बड़गड़ प्रखंड स्थित रुद संरक्षित वन में एक भालू का शव बरामद हुआ है। यह इलाका दक्षिणी वन प्रमंडल के कुटकू प्रक्षेत्र में आता है। शरीर पर चोट का निशान मिलने के बाद वन विभाग ने मौत की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। संभावित शिकार को भी जांच के दायरे में रखा गया है, हालांकि वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।

वन विभाग को रुद गांव के ग्रामीणों से जंगल के भीतर एक नाले में भालू का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही विभाग ने एक टीम गठित कर उसे घटनास्थल पर भेजा। टीम ने मौके पर पहुंचकर नाले से शव बरामद किया और आगे की कार्रवाई के लिए उसे अपने कब्जे में लिया।

कुटकू प्रक्षेत्र के वनरक्षी दयानंद कुमार के मुताबिक, ग्रामीणों ने सुबह करीब छह बजे विभाग को इसकी जानकारी दी थी। जांच के दौरान भालू के अगले बाएं पैर पर कटने का निशान पाया गया। इसी निशान के कारण वन अधिकारी शिकार की आशंका से इनकार नहीं कर रहे हैं, लेकिन विभाग ने फिलहाल किसी निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है।

शव को घटनास्थल से भंडरिया स्थित वन विभाग के कार्यालय परिसर में ले जाया गया। वहां पलामू टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार ने पोस्टमार्टम किया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को वन विभाग के परिसर में ही दफना दिया गया।

घटनास्थल पर पहुंची विभागीय टीम में प्रक्षेत्र वनपाल उपेंद्र कुमार के साथ कमलेश कुमार, तुषार कुमार और अन्य वनकर्मी शामिल थे। टीम भालू की मौत से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। विभाग के अनुसार, जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि मौत प्राकृतिक कारणों, किसी चोट अथवा शिकार की घटना से हुई। अंतिम स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।