गढ़वा जिले में पुलिस की गश्ती और आपात प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी थानों को दो-दो नए महिंद्रा बोलेरो नियो वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। जीपीएस और वायरलेस संचार सुविधा से लैस इन वाहनों को नियमित पेट्रोलिंग के साथ डायल 112 पर मिलने वाली सूचनाओं के बाद पुलिस टीम को मौके तक पहुंचाने में इस्तेमाल किया जाएगा।
नई व्यवस्था में किसी थाने का एक वाहन जांच, न्यायालय से जुड़े काम या दूसरी पुलिस कार्रवाई में व्यस्त रहने पर दूसरा वाहन गश्त और आपात जरूरतों के लिए उपलब्ध रह सकेगा। इससे सीमित वाहनों के कारण पुलिस के अलग-अलग कार्यों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वाहनों में लगी जीपीएस सुविधा के जरिए जिला स्तर से उनकी लोकेशन की निगरानी की जा सकेगी। वायरलेस संचार के माध्यम से कंट्रोल रूम से पेट्रोलिंग टीम तक सूचना पहुंचाना भी आसान होगा। डायल 112 पर सूचना आने की स्थिति में नजदीक मौजूद वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया जा सकेगा।
गढ़वा जिले का बड़ा हिस्सा ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में फैला हुआ है। ऐसे इलाकों में वाहनों की अतिरिक्त उपलब्धता नियमित गश्त बनाए रखने में उपयोगी हो सकती है। इसका उद्देश्य केवल घटना के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पुलिस की मौजूदगी बढ़ाकर अपराध रोकने की व्यवस्था को भी मजबूत करना है।
नए वाहनों से रात के समय सुनसान इलाकों, बाजारों, मुख्य सड़कों और संवेदनशील स्थानों पर पेट्रोलिंग बढ़ने की संभावना है। पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से असामाजिक गतिविधियों पर निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर संबंधित क्षेत्र में टीम भेजने में सहूलियत मिल सकती है।
हालांकि, इस व्यवस्था का वास्तविक प्रभाव वाहनों की नियमित तैनाती, निगरानी और सूचनाओं पर समयबद्ध प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा। नया बेड़ा पुलिस को अतिरिक्त संसाधन देता है और इससे जिले में गश्ती व्यवस्था, पहुंच तथा आपात प्रतिक्रिया बेहतर होने की अपेक्षा की जा रही है।