हजारीबाग के टाटीझरिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने प्रतिबंधित लॉटरी टिकटों का बड़ा जखीरा जब्त किया है। टिकटों का बाजार मूल्य करीब 10 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। कार्रवाई के बाद पुलिस ने टिकटों की आपूर्ति, परिवहन और इन्हें प्राप्त करने वाले लोगों के संबंध में जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस कारोबार के तार बिहार के डेहरी से जुड़े होने की संभावना सामने आई है। इसके साथ ही गिरिडीह और दुमका समेत झारखंड के कई क्षेत्रों में कथित नेटवर्क सक्रिय होने की बात भी जांच के दायरे में है। फिलहाल इन संभावित संपर्कों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार के अनुसार, वाहन चालक ने पूछताछ में टिकटों को धनबाद ले जाए जाने की जानकारी दी है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जब्त सामग्री कहां से सौंपी गई थी और धनबाद में इसकी डिलीवरी किस व्यक्ति को की जानी थी।
जांच को आगे बढ़ाने के लिए चालक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाली जा रही है। पुलिस का मानना है कि कॉल विवरण और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों से यात्रा के संपर्कों तथा संभावित आपूर्ति शृंखला के बारे में जानकारी मिल सकती है। इन तथ्यों की जांच पूरी होने के बाद ही नेटवर्क की वास्तविक पहुंच स्पष्ट हो सकेगी।
इस मामले में पुलिस केवल जब्त टिकटों तक सीमित नहीं है। टिकटों की आपूर्ति से जुड़े अन्य लोगों और कथित सिंडिकेट के सदस्यों की पहचान का प्रयास भी किया जा रहा है। हालांकि जांच अभी जारी है और संभावित नेटवर्क, उसके सदस्यों तथा विभिन्न जिलों से संबंधों के बारे में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
बरामदगी के आधार पर पुलिस ने पूरे प्रकरण की छानबीन तेज कर दी है। अब तकनीकी रिकॉर्ड और पूछताछ से मिली सूचनाओं का मिलान किया जाएगा। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले प्रमाणों पर निर्भर करेगी।