गढ़वा जनसुनवाई में मुआवजा, अबुआ आवास की किस्त और भूमि विवाद की शिकायतें

गढ़वा समाहरणालय की जनसुनवाई में करीब 25 आवेदन आए। उपायुक्त ने मुआवजा, आवास, आंगनबाड़ी चयन और भूमि विवाद से जुड़ी शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश दिया।

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गढ़वा समाहरणालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान शिकायतें सुनते अधिकारी

गढ़वा समाहरणालय में शुक्रवार को आयोजित जनसुनवाई में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा के सामने अपनी समस्याएं रखीं। सुनवाई के दौरान करीब 25 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें अधिग्रहित जमीन का मुआवजा, अबुआ आवास की लंबित किस्त, आंगनबाड़ी सेविका चयन और भूमि विवाद से जुड़े मामले प्रमुख रहे।

रमना प्रखंड के बहियार खुर्द की शकुंती देवी ने एनएच-39 के निर्माण के लिए ली गई जमीन का मुआवजा अब तक नहीं मिलने की शिकायत की। उनका कहना था कि जिला भू-अर्जन कार्यालय में दो बार आवेदन देने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। उन्होंने प्रशासन से उचित मुआवजा जल्द दिलाने का अनुरोध किया।

सदर प्रखंड के नवादा की शाहजहां बीवी ने अबुआ आवास की तीसरी किस्त लंबित होने का मामला उठाया। उनके अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में आवास स्वीकृत हुआ था और पहली दो किस्तों से निर्माण छत के स्तर तक पहुंच गया। शेष किस्त नहीं मिलने के कारण मकान का काम पूरा नहीं हो पा रहा है।

मेराल प्रखंड के चामा की प्रियंका कुंवर ने उत्तर हरिजन टोला के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 12 में सेविका चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 14 अक्टूबर को हुए चयन में ग्रामीणों की सहमति नहीं ली गई और आमसभा की सूचना समय पर नहीं मिलने से योग्य अभ्यर्थियों को शामिल होने का अवसर नहीं मिला। उन्होंने जांच की मांग की है।

मेराल के अधौरा निवासी मेघराज साव ने 1.58 एकड़ विवादित भूमि पर दूसरे पक्ष द्वारा खेती और निर्माण किए जाने की शिकायत दी। उन्होंने बताया कि विवाद की जांच अनुमंडल पदाधिकारी और संबंधित अंचल अधिकारी के स्तर पर लंबित है। मामले में जांच पूरी कर उचित कदम उठाने का आग्रह किया गया।

जनसुनवाई में राशन, पेंशन, अवैध कब्जा, रोजगार सृजन और बकाया मजदूरी भुगतान जैसी समस्याएं भी सामने आईं। उपायुक्त ने आवेदनों को सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। शिकायतों के निपटारे की अवधि या आगे की कार्यवाही का अलग विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।