गढ़वा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत चल रही योजनाओं को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है। उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू ने शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में हुई समीक्षा बैठक में निर्माण समाप्त कर तय समय के भीतर जलापूर्ति शुरू कराने को कहा।
बैठक में मिशन के अंतर्गत संचालित 13 मल्टी विलेज स्कीम और 31 सिंगल विलेज स्कीम क्लस्टर की प्रगति की समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और संवेदकों को आपसी समन्वय के साथ काम तेज करने तथा निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान बैठक से अनुपस्थित संवेदकों से स्पष्टीकरण मांगने को कहा गया। आठ अक्टूबर को हुई पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संवेदकों के कामकाज पर भी नाराजगी जताई गई। जिला प्रशासन ने योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी और लापरवाही स्वीकार नहीं किए जाने की बात कही है।
निर्माण से जुड़ी विभागीय बाधाओं को दूर करने के लिए भी अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई। पथ निर्माण विभाग के सहायक अभियंता को लंबित अनापत्ति प्रमाणपत्र जल्द जारी करने को कहा गया। सड़क निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत कर प्रभावित जलापूर्ति बहाल करने के लिए विभाग के कार्यपालक अभियंता को कार्रवाई का निर्देश मिला।
जलापूर्ति योजनाओं से जुड़ी बिजली की समस्याओं को सात दिनों के भीतर हल करने का निर्देश विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, गढ़वा के कार्यपालक अभियंता को दिया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिजली की अनुपलब्धता के कारण तैयार या निर्माणाधीन योजनाओं से पानी की आपूर्ति बाधित न हो।
पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के सहायक और कनीय अभियंताओं को नियमित निगरानी तथा स्थल निरीक्षण के माध्यम से काम की प्रगति जांचने को कहा गया है। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति और पथ निर्माण विभाग के अधिकारी, जल जीवन मिशन के जिला समन्वयक तथा संबंधित संवेदक उपस्थित थे। प्रशासन ने ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने को प्राथमिकता बताया है।