गढ़वा जिला प्रशासन ने सरकारी राशन की ढुलाई करने वाले ट्रकों को शहर की नो एंट्री व्यवस्था से विशेष छूट दी है। उपायुक्त की ओर से जारी आदेश के तहत निर्धारित समय में ये वाहन शहर से होकर राज्य खाद्य निगम के गोदामों तक आ-जा सकेंगे। प्रशासन का उद्देश्य खाद्यान्न के उठाव और गोदामों तक उसकी आपूर्ति में होने वाली देरी को कम करना है।
नई व्यवस्था के अनुसार राशन लदे ट्रकों को रात नौ बजे से सुबह सात बजे तक शहर में प्रवेश की अनुमति रहेगी। दिन में भी सुबह दस बजे से दोपहर चार बजे तक ऐसे वाहनों की आवाजाही हो सकेगी। यह छूट बाजार समिति स्थित राज्य भंडार निगम, गढ़वा और रेहला के एफसीआई गोदाम से खाद्यान्न लेकर निकलने वाले वाहनों पर लागू होगी।
छूट के साथ प्रशासन ने सुरक्षा संबंधी शर्त भी जोड़ी है। शहर की सीमा के भीतर इन ट्रकों की अधिकतम गति 15 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। यानी तय अवधि में प्रवेश की अनुमति मिलने के बावजूद वाहन चालकों को गति सीमा का पालन करना होगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
प्रशासन के सामने राशन परिवहन से जुड़ी समस्या सहायक गोदाम प्रबंधक चन्द्रदेव तिवारी और परिवहन संवेदक उरेन्द्र कुमार ने रखी थी। उनकी ओर से बताया गया था कि नो एंट्री के कारण खाद्यान्न ढोने वाले वाहन रास्ते में रुक जाते हैं। इससे गोदामों तक समय पर अनाज पहुंचाने और उसके उठाव की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
इस समस्या पर विचार के बाद उपायुक्त ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और जनहित को ध्यान में रखते हुए विशेष छूट का आदेश दिया। यह व्यवस्था सामान्य मालवाहक वाहनों के लिए नो एंट्री समाप्त करने के बजाय सरकारी खाद्यान्न की ढुलाई करने वाले वाहनों को तय समय में सीमित राहत देती है।
आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस अधीक्षक, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, संबंधित थाना प्रभारियों और सभी सहायक गोदाम प्रबंधकों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन की इस व्यवस्था से राशन की खेप को गोदामों तक निर्धारित समय में पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है, जबकि कम गति सीमा के जरिए शहरी यातायात की सुरक्षा बनाए रखने का प्रयास किया गया है।