गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में प्रधानमंत्री किफायती आवास योजना (शहरी) के तहत प्रस्तावित 400 फ्लैट अब तक लाभुकों को नहीं मिल सके हैं। सोनपुरवा में रेलवे लाइन के उस पार महुराम टोला में चल रही इस परियोजना पर 9.09 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन निर्माण अधूरा रहने के कारण किसी परिवार को आवास का हस्तांतरण नहीं हुआ है।
योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट जुडको ने 2017-18 में तैयार कर निविदा निकाली थी। निर्माण 2018-19 में शुरू हुआ और उस समय कुल लागत 25.84 करोड़ रुपये तय की गई थी। परियोजना के अंतर्गत किराये के मकानों में रहने वाले चयनित लोगों को किफायती दर पर एक बीएचके का तैयार फ्लैट दिया जाना था।
उपलब्ध परियोजना विवरण के अनुसार, 64 फ्लैट अभी नींव या प्लिंथ स्तर पर हैं। शेष 336 फ्लैट का ढांचा तैयार हो चुका है, मगर प्लास्टर, रंगाई, दरवाजे-खिड़कियां, बिजली वायरिंग, जलापूर्ति कनेक्शन, शौचालय, रसोई, फर्श और सीढ़ियों की रेलिंग जैसे काम बाकी हैं। विभाग ने भौतिक प्रगति 46 प्रतिशत और वित्तीय प्रगति 34.72 प्रतिशत बताई है।
प्रत्येक फ्लैट की निर्धारित लागत 6.46 लाख रुपये है। इसमें लाभुक का अंशदान 3.96 लाख रुपये रखा गया, जबकि केंद्र और राज्य सरकार से कुल 2.50 लाख रुपये अनुदान का प्रावधान है। पंजीकरण के लिए जमा पांच हजार रुपये भी लाभुक के अंशदान में शामिल किए गए थे और चयन लॉटरी के माध्यम से हुआ था।
करीब 114 लाभुक निर्माण की प्रगति के अनुसार अपना अंशदान जमा कर चुके हैं। इनमें कुछ लोगों ने बैंक से ऋण लेकर राशि दी है। आवास नहीं मिलने से ऐसे परिवारों को मकान का किराया चुकाने के साथ ऋण की किस्त भी देनी पड़ रही है। अन्य चयनित लाभुकों ने पंजीकरण के बाद आगे का अंशदान जमा नहीं किया, जिससे परियोजना के वित्तपोषण में भी अड़चन आई है।
परियोजना शुरू होने के बाद निर्माण सामग्री और कार्य की लागत बढ़ने से मौजूदा खर्च पुराने प्राक्कलन से अलग हो गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जुडको की ओर से प्राक्कलन संशोधित किए बिना आगे का निर्माण पूरा करना संभव नहीं बताया जा रहा है। इस प्रक्रिया और धीमी निर्माण गति के कारण लाभुकों के घर का इंतजार फिलहाल बना हुआ है।