गिरिडीह जिले के गांडेय क्षेत्र में निर्माणाधीन पावर सब स्टेशन को सोमवार रात अपराधियों ने निशाना बनाया। मड़वाटांड़ स्थित परिसर में तैनात रात्रि गार्ड को हथियार के बल पर बंधक बनाने के बाद ट्रांसफार्मरों से तांबे के तार और कॉइल निकाल लिए गए। मंगलवार सुबह सूचना मिलने पर गांडेय थाना पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटना रात करीब 11 बजे शुरू हुई और अपराधी लगभग एक बजे तक परिसर में रहे। गार्ड को पिस्तौल दिखाकर काबू में लेने और कंबल से ढक देने की बात सामने आई है। हालांकि, वारदात में शामिल लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग विवरण मिले हैं। प्रारंभिक विवरण में 10 से 15 अपराधियों का उल्लेख है, जबकि थाना प्रभारी ने तीन से चार लोगों के पहुंचने की जानकारी दी है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि परिसर में लगे पांच केवी के दो ट्रांसफार्मरों को खोलकर उनसे तांबे की कॉइल और तार निकाले गए। वहां रखा तेल भी बहा दिया गया तथा कुछ उपकरणों को नुकसान पहुंचाया गया। साइट इंजीनियर ने क्षति का शुरुआती अनुमान करीब 70 लाख रुपये बताया है। नुकसान की अंतिम स्थिति जांच और तकनीकी आकलन के बाद स्पष्ट हो सकेगी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने रात्रि गार्ड और अन्य लोगों से पूछताछ की तथा साक्ष्य जुटाए। थाना प्रभारी के अनुसार, मामले की जांच-पड़ताल जारी है। पुलिस राज्य के भीतर या बाहर सक्रिय किसी गिरोह की संभावित भूमिका सहित विभिन्न बिंदुओं को देख रही है, लेकिन अभी किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं हुई है।
मड़वाटांड़ में यह नया सब स्टेशन सिजुआ फीडर पर अधिक विद्युत भार की समस्या कम करने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। यहां ट्रांसफार्मर और दूसरे जरूरी उपकरण लगाए जा चुके थे। परियोजना शुरू होने पर संबंधित क्षेत्रों में अनावश्यक बिजली कटौती से राहत मिलने की उम्मीद थी। उपकरणों की चोरी और क्षति से निर्माण तथा संचालन की आगे की समय-सारिणी प्रभावित होगी या नहीं, इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है।
पुलिस के सामने अब घटना में शामिल लोगों की पहचान, चोरी किए गए सामान की बरामदगी और वास्तविक नुकसान का निर्धारण प्रमुख चुनौती है। जांच पूरी होने से पहले अपराधियों की संख्या, गिरोह की भूमिका और क्षति के अंतिम आंकड़े को लेकर कोई निश्चित दावा नहीं किया जा सकता।