देवघर में कैशबैक और फर्जी एपीके से साइबर ठगी का आरोप, तीन युवक गिरफ्तार

देवघर पुलिस ने सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र में छापेमारी कर साइबर ठगी के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से तीन मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड मिलने की जानकारी दी गई है।

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देवघर के सोनारायठाढ़ी क्षेत्र में साइबर ठगी के आरोप में तीन युवकों की गिरफ्तारी

देवघर जिले के सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र में पुलिस ने साइबर ठगी के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। गिरफ्तार लोगों के पास से तीन मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद होने की जानकारी दी गई है।

पुलिस को असूरबंधा में ब्लॉक के पीछे स्थित मैदान में कुछ संदिग्ध लोगों के मौजूद होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद साइबर उप पुलिस अधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में गठित टीम ने वहां छापेमारी की। पकड़े गए युवकों की पहचान सहादत अंसारी, गुलफराज अंसारी और सरफराज अंसारी के रूप में बताई गई है।

पुलिस का दावा है कि बरामद फोन और सिम कार्ड की प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी से जुड़ी गतिविधियों के संकेत मिले हैं। आरोप है कि युवक ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल भुगतान से जुड़ी कंपनियों के फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों से संपर्क करते थे। वे कैशबैक मिलने का लालच देकर खातों से रकम निकालने की कोशिश करते थे।

आरोपियों पर पीएम किसान योजना, बिजली बिल भुगतान और आरटीओ चालान के नाम से फर्जी एपीके फाइल भेजने का भी आरोप है। पुलिस के मुताबिक, ऐसी फाइल डाउनलोड कराए जाने के बाद मोबाइल तक अनधिकृत पहुंच हासिल की जाती थी और फिर संबंधित व्यक्ति से पैसे ऐंठे जाते थे। इन दावों की विस्तृत जांच अभी जारी है।

पुलिस ने बताया कि एयरटेल पेमेंट बैंक के अधिकारी बनकर लोगों को निशाना बनाने का तरीका भी अपनाया जाता था। आरोप है कि ग्राहकों से कार्ड बंद होने की बात कहकर उसे दोबारा चालू कराने के बहाने जानकारी मांगी जाती थी। पुलिस अब जब्त उपकरणों और सिम कार्ड की जांच करके संभावित पीड़ितों तथा लेनदेन का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

छापेमारी में साइबर थाना के निरीक्षक राकेश कुमार रवि और सोनारायठाढ़ी थाना प्रभारी रोहित दांगी भी शामिल थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही प्रकरण में अन्य लोगों की संभावित भूमिका और गिरोह से जुड़े बाकी सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।