गिरिडीह जिले के गावां प्रखंड में जंगली बिरनियों के लगातार हमलों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक माह के दौरान अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि 150 से अधिक लोग डंक लगने से घायल हुए हैं। हमलों के डर से कई ग्रामीण खेत, खलिहान और जंगल की ओर जाने में सावधानी बरत रहे हैं।
ताजा घटना सांख गांव के लक्ष्मीबथान टोला की बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 42 वर्षीय साबिया देवी मवेशियों को चराने के लिए जंगल की ओर गई थीं। इसी दौरान बिरनियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। डंक लगने के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई और परिजन उन्हें उपचार के लिए बेलाटांड़ अस्पताल ले गए।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने साबिया देवी को बेहतर इलाज के लिए दूसरी जगह ले जाने की सलाह दी। परिजन उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल और गहरा गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे पहले बिरने के सरकारी शिक्षक देवेंद्र सिंह, गावां के धनेश्वर यादव, पिहरा के सदिक मियां और सिरी के एक वृद्ध की भी बिरनियों के हमले में जान जा चुकी है। इस प्रकार एक माह में ऐसी घटनाओं से मरने वालों की संख्या पांच बताई गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिरनियां झुंड में हमला कर रही हैं, जिससे खेतों और जंगल के आसपास जाना जोखिम भरा लगने लगा है। लगातार सामने आ रही घटनाओं के कारण खेती, पशुओं को चराने और अन्य दैनिक कामों के लिए बाहर निकलने वाले लोगों में विशेष चिंता बनी हुई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बचाव के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में जोखिम की पहचान और लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस पहल जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और ग्रामीण बिना भय के अपनी दैनिक गतिविधियां कर सकें।