गिरिडीह की अपराध समीक्षा बैठक में लंबित मामलों के समयबद्ध निष्पादन और प्रभावी गश्त के निर्देश

एसपी डॉ. बिमल कुमार ने मासिक समीक्षा बैठक में महिला संबंधी अपराधों पर त्वरित कार्रवाई, वारंट निष्पादन और नागरिकों की शिकायतों के निष्पक्ष निपटारे पर जोर दिया।

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गिरिडीह के न्यू समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में शनिवार को मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। एसपी डॉ. बिमल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था, लंबित आपराधिक मामलों, तकनीकी अनुसंधान की प्रगति और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।

बैठक में सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, पुलिस उपाधीक्षकों, अंचल पुलिस निरीक्षकों तथा थाना और ओपी प्रभारियों को लंबित मामलों की जांच तय समयसीमा में पूरी करने का निर्देश दिया गया। एसपी ने अनुसंधान की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए मामलों का निष्पादन करने पर जोर दिया।

महिलाओं से संबंधित अपराधों के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने को कहा गया। दर्ज मामलों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उनकी तेजी से समीक्षा करने और अपराध में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश भी अधिकारियों को दिया गया।

न्यायालय से प्राप्त वारंट और कुर्की आदेशों का समय पर शत-प्रतिशत निष्पादन बैठक के प्रमुख बिंदुओं में रहा। लंबित पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन के आवेदनों को भी बिना अनावश्यक देरी के प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए कहा गया।

एसपी ने जिले में रात्रि गश्त को अधिक प्रभावी बनाने तथा पेशेवर अपराधियों, वारंटियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। विभिन्न मामलों में फरार और दागी व्यक्तियों का सत्यापन कर थाना स्तर से अभियान संचालित करने पर भी बल दिया गया।

बैठक में नागरिकों से मिली शिकायतों और विभिन्न आयोगों से आए पत्रों का त्वरित तथा निष्पक्ष निपटारा करने की बात कही गई। पुलिसकर्मियों को आम लोगों के साथ शालीन व्यवहार करते हुए जनहितैषी पुलिस व्यवस्था को व्यवहार में उतारने का निर्देश दिया गया। बैठक में एएसपी सुरजीत कुमार, डीएसपी रूपेंद्र कुमार राणा, सदर एसडीपीओ जीतबाहन उरांव और डुमरी एसडीपीओ आबिद खां समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।