गिरिडीह के मधुबन थाने में पांच हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में लेखापाल गिरफ्तार

धनबाद एसीबी ने मधुबन थाने के एक लेखापाल को कथित तौर पर पांच हजार रुपये लेते गिरफ्तार किया। थाना प्रभारी को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।

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गिरिडीह के मधुबन थाने में एसीबी की रिश्वत मामले में कार्रवाई का सांकेतिक दृश्य

गिरिडीह जिले के मधुबन थाने में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की धनबाद टीम ने पांच हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में एक लेखापाल को गिरफ्तार किया है। एसीबी के मुताबिक, यह रकम वाहन दुर्घटना से संबंधित सनहा उपलब्ध कराने के बदले मांगी गई थी। मामले में मधुबन के थाना प्रभारी दीपेश कुमार को भी आरोपी बनाया गया है।

एसीबी को मधुबन थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, उसका वाहन 19 जुलाई 2026 की सुबह थाना क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में किसी व्यक्ति की मौत नहीं हुई थी। वाहन का बीमा दावा पेश करने के लिए शिकायतकर्ता को थाने से लिखित सनहा चाहिए था।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सनहा देने के एवज में थाना प्रभारी ने पांच हजार रुपये की मांग की। एसीबी के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद आरोप का सत्यापन कराया गया और रिश्वत मांगे जाने की बात सही पाए जाने पर मामला दर्ज किया गया। इसके बाद कार्रवाई के लिए एक ट्रैप टीम बनाई गई।

एसीबी का कहना है कि 16 सितंबर को थाना प्रभारी के निर्देश पर लेखापाल विक्रम कुमार चौधरी ने थाना प्रभारी के कक्ष में शिकायतकर्ता से पांच हजार रुपये लिए। इसी दौरान ट्रैप टीम ने उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी रिश्वत लेने के आरोप में की गई है और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

इस प्रकरण में एसीबी ने थाना प्रभारी दीपेश कुमार को भी अभियुक्त बनाया है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान वह थाने से निकल गए और पकड़े नहीं जा सके। लेखापाल को हिरासत में लेने के बाद एसीबी ने उससे संबंधित कार्रवाई आगे बढ़ाई।

एसीबी ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा सात के तहत धनबाद थाने में 15 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की थी। शिकायत, सत्यापन और ट्रैप कार्रवाई के आधार पर जांच की जा रही है। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।