गिरिडीह में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रगति की बुधवार को समीक्षा की गई। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने से जुड़ी प्रक्रियाओं को पारदर्शी तथा निर्धारित समय में पूरा करने पर जोर दिया।
बैठक में फॉर्म-6, फॉर्म-6ए, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से संबंधित काम की विधानसभा क्षेत्रवार समीक्षा हुई। अधिकारियों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम हटाने और प्रविष्टियों में सुधार के लिए मिले आवेदनों की स्थिति बताई। सत्यापन, प्रसंस्करण और लंबित मामलों के कारणों पर भी चर्चा की गई।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 5 अगस्त से 29 सितंबर के बीच जिले में फॉर्म-6 के 49,612 आवेदन प्राप्त हुए। दावा एवं आपत्ति से जुड़े फॉर्म-7 के 569 आवेदन आए, जबकि फॉर्म-8 के आवेदनों की संख्या 55,626 रही। संबंधित अधिकारियों को इन आवेदनों और दावा-आपत्तियों का निष्पादन तय समय सीमा के भीतर करने तथा लंबित प्रकरणों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि एसआईआर से जुड़ी सभी गतिविधियों में निर्वाचन आयोग के निर्देशों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आवेदनों के सत्यापन, नोटिस पर सुनवाई, दस्तावेजों की जांच और मतदाता सूची में आवश्यक प्रविष्टियां समय पर दर्ज करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
निरीक्षण के दौरान के. रवि कुमार शहर के वृद्धाश्रम भी पहुंचे और वहां रह रहे बुजुर्गों से मतदाता सूची में नाम तथा उपलब्ध पहचान दस्तावेजों के बारे में बातचीत की। कुछ वृद्धजनों ने बताया कि वृद्धाश्रम आने के बाद उनके कई जरूरी दस्तावेज पुराने घरों में ही रह गए हैं। इससे मतदाता सूची और पहचान से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने में कठिनाई सामने आ रही है।
इस स्थिति को देखते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को वृद्धाश्रम में विशेष शिविर लगाने का निर्देश दिया। शिविर के माध्यम से वहां रहने वाले बुजुर्गों की मतदाता सूची और पहचान संबंधी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कराने की व्यवस्था की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य दस्तावेजों की कमी या उपलब्धता की समस्या के कारण वृद्धजनों को प्रक्रिया से वंचित होने से बचाना है।