बड़गाईं जमीन मामले में हेमंत सोरेन समेत 17 पर आरोप गठित, 30 नवंबर को अगली सुनवाई

रांची की विशेष अदालत ने बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत 17 लोगों पर आरोप गठित किए। सोरेन ने आरोपों से इनकार किया है।

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बड़गाईं जमीन मामले की सुनवाई से संबंधित मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की फाइल तस्वीर

रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मामले में ईडी की विशेष अदालत ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत 17 लोगों के खिलाफ आरोप गठित कर दिए हैं। इस प्रक्रिया के दौरान सोरेन ऑनलाइन माध्यम से अदालत में उपस्थित हुए। आरोप तय होने के साथ अब विशेष अदालत में मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ेगी।

विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार ने अभियोजन पक्ष की ओर से लगाए गए आरोप मुख्यमंत्री को पढ़कर सुनाए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता के अनुसार, सोरेन ने अदालत के समक्ष आरोपों को गलत बताया और स्वयं को निर्दोष कहा। आरोपों का गठन किसी आरोपी को दोषी ठहराया जाना नहीं है; मामले का निर्णय सुनवाई और पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगा।

अदालत ने अभियोजन पक्ष को अपने गवाह पेश करने के लिए कहा है। विशेष अदालत में मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को निर्धारित की गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस प्रकरण में मुख्यमंत्री सहित कुल 17 आरोपियों के विरुद्ध आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

इससे पहले मुख्यमंत्री की ओर से आरोप गठन की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक की खंडपीठ ने सुनवाई की। हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को पूरक शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका की विचारणीयता के प्रश्न पर अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि वहां लंबित कार्यवाही को आधार बनाकर निचली अदालत से राहत नहीं ली जा सकती। मुख्यमंत्री की याचिका में धनशोधन निवारण अधिनियम की धारा 44 के एक प्रावधान की संवैधानिक वैधता पर भी सवाल उठाया गया है। याचिका में विशेष अदालत की सुनवाई प्रक्रिया को लेकर कानूनी प्रश्न उठाए गए हैं।

हाईकोर्ट में मुख्यमंत्री की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एस नागामुथु ने पक्ष रखा। ईडी की ओर से एएसजीआई एसवी राजू वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश हुए, जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने भी एजेंसी का पक्ष रखा। अब हाईकोर्ट और विशेष अदालत में निर्धारित तारीखों पर अलग-अलग कार्यवाही आगे बढ़ेगी।