गिरिडीह जिले में महाष्टमी पर रविवार को दुर्गा पूजा का उत्साह शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक दिखाई दिया। मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा के लिए सुबह से ही पूजा पंडालों और दुर्गा मंदिरों में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। कई स्थानों पर दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए लंबी कतारें लगी रहीं।
पूजा स्थलों पर पुरोहितों ने विधि-विधान से महागौरी की पूजा संपन्न कराई। श्रद्धालुओं ने माता को प्रसाद चढ़ाया, आरती में भाग लिया और पुष्पांजलि अर्पित की। विभिन्न आयु वर्ग के लोग पूजा में शामिल हुए और दुर्गा के जयकारों से आसपास का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
शाम के समय मंदिरों और पंडालों में श्रद्धालुओं की मौजूदगी और बढ़ गई। विशेष रूप से महिला श्रद्धालु आरती में शामिल होने और दीये जलाने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचीं। सुबह से शाम तक पूजा स्थलों पर लोगों का आवागमन जारी रहा और महाष्टमी के अनुष्ठानों में भागीदारी देखी गई।
शहर में बड़ा चौक से रेलवे स्टेशन के आसपास का क्षेत्र पूजा गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा। गांधी चौक, रेलवे स्टेशन और बाभनटोली के आसपास करीब 300 मीटर के दायरे में लगभग आधा दर्जन स्थानों पर दुर्गा पूजा का आयोजन किया गया। इस कारण इन इलाकों में दिनभर श्रद्धालुओं की विशेष चहल-पहल रही।
गांधी चौक स्थित बड़की दुर्गा मंडप, छोटकी दुर्गा मंडप और एकाडेमी में पूजा के लिए भक्त कतारों में खड़े रहे। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने अपनी बारी आने पर पूजा-अर्चना की तथा माता को पुष्पांजलि दी। भीड़ वाले पूजा स्थलों के आसपास व्यवस्था संभालने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात रहे।