गुमला की हर पंचायत में 150 मजदूरों को रोजगार से जोड़ने का निर्देश

गुमला में योजनाओं की समीक्षा के दौरान प्रत्येक पंचायत में 150 मजदूरों को रोजगार देने, जॉब कार्ड का ई-केवाईसी पूरा करने और लंबित आवास किस्तों के भुगतान के निर्देश दिए गए।

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गुमला समाहरणालय में रोजगार और आवास योजनाओं की समीक्षा करते अधिकारी

गुमला जिले में ग्रामीण रोजगार बढ़ाने के लिए प्रत्येक पंचायत में 150 मजदूरों को काम से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। समाहरणालय सभागार में गुरुवार को हुई समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन ने संबंधित अधिकारियों को रोजगार सृजन और विकास योजनाओं की प्रगति तेज करने का निर्देश दिया।

बैठक में वीबी-जी राम जी और आवास योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान रोजगार उपलब्ध कराने के साथ लंबित भुगतान और अधूरे निर्माण कार्यों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों से कहा गया कि निर्धारित लक्ष्यों को तय समय के भीतर पूरा किया जाए और योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए।

समीक्षा के दायरे में बिरसा हरित ग्राम योजना, अबुआ आवास और प्रधानमंत्री आवास योजना के अलावा तालाब, कूप तथा मिट्टी-मुरम पथ निर्माण से जुड़े कार्य शामिल रहे। उप विकास आयुक्त ने लंबित कामों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने को कहा, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर संबंधित लोगों तक पहुंच सके।

मनरेगा से जुड़े सक्रिय मजदूरों के जॉब कार्ड का ई-केवाईसी 15 दिनों के भीतर पूरा कराने का निर्देश भी दिया गया। इसके साथ ही सामग्री और प्रशासनिक मद की राशि के विरुद्ध विपत्र तैयार कर कोषागार में जमा करने को कहा गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित किस्तों का भुगतान एक सप्ताह के भीतर करने का निर्देश दिया गया है। आवास निर्माण के अलग-अलग चरणों का भू-संदर्भित छायांकन पूरा कराने को भी कहा गया, जिससे निर्माण की वास्तविक प्रगति पर नजर रखी जा सके।

बैठक में जिले के सभी प्रखंडों के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। उन्हें पंचायत स्तर पर रोजगार लक्ष्य, भुगतान, ई-केवाईसी और निर्माण की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी गई। प्रशासन का जोर लंबित प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर रहा।