गुमला शहर में नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए जिला प्रशासन ने खाली सरकारी जमीनों के उपयोग की तैयारी शुरू की है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलेश्वर महतो के नेतृत्व में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। प्रस्तावित योजनाओं में नया नगर भवन, बस स्टैंड, नगर परिषद कार्यालय और सरकारी आवास शामिल हैं।
अधिकारियों की टीम सबसे पहले पर्यटन भवन के पीछे स्थित स्ट्रीट वेंडर मार्केट परिसर पहुंची। यहां नगर भवन और नगर परिषद कार्यालय के लिए स्थान की उपयुक्तता पर विचार किया गया। परिसर में नगर परिषद के वाहनों को सुरक्षित रखने और व्यवस्थित बाजार विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। प्रशासन ने एक ही परिसर में कई नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी परखा।
गुमला परिसदन के सामने खाली पड़ी सरकारी जमीन का निरीक्षण करते हुए विभिन्न श्रेणियों के सरकारी आवास बनाने की संभावना देखी गई। टीम ने तर्री और असनी में उपलब्ध सरकारी भूमि का भी जायजा लिया। इन स्थानों के संभावित उपयोग को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया।
नए बस स्टैंड के लिए सिसई रोड के पुग्गू स्थित करमडीपा में जरेडा की जमीन का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने उपलब्ध जमीन के साथ वहां तक पहुंचने के मार्ग, भौगोलिक स्थिति और भविष्य में उसकी उपयोगिता का आकलन किया। फिलहाल निरीक्षण संभावनाएं तलाशने की प्रक्रिया का हिस्सा है और निर्माण के संबंध में कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था, जर्जर सड़कों की मरम्मत तथा सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा की गई। प्रशासन की पहल का उद्देश्य उपलब्ध सरकारी भूमि को योजनाबद्ध तरीके से जनहित के काम में लाना और शहर के विकास से जुड़ी जरूरतों के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करना है।
निरीक्षण में पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमां, उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, अनुमंडल पदाधिकारी अखिलेश कुमार और डीएसओ प्रवीण कुमार भी शामिल थे। नगर परिषद, परिवहन, निर्वाचन तथा अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी भी टीम के साथ मौजूद रहे।