गुमला में जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) के दुकानदारों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को समाहरणालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन की जिला इकाई ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम उपायुक्त दिलेश्वर महतो को ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष अरखिता नंद देवघरिया, उपाध्यक्ष निमाज खान और सचिव तनवीर नाज ने किया।
फेडरेशन ने ज्ञापन में पीडीएस दुकानदारों के लिए कम से कम 50 हजार रुपये की मासिक आय सुनिश्चित करने की मांग की। संगठन का कहना है कि राशन दुकान का किराया, बिजली बिल और सहायक के मानदेय सहित संचालन के दूसरे खर्च बढ़े हैं, जबकि मौजूदा आय में दुकान चलाने तथा परिवार का भरण-पोषण करने में कठिनाई हो रही है।
डीलरों ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत लंबित कमीशन का भुगतान 30 दिनों के भीतर करने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक महीने का खाद्यान्न संबंधित माह शुरू होने से पहले उपलब्ध कराने की व्यवस्था बनाने को कहा, ताकि लाभुकों के बीच वितरण समय पर किया जा सके।
प्रदर्शन में स्मार्ट पीओएस और आहार पोर्टल से जुड़ी तकनीकी विसंगतियों का विषय भी सामने रखा गया। फेडरेशन के अनुसार, मई 2025 से लागू व्यवस्था में समस्याएं आ रही हैं। संगठन ने दावा किया कि अगस्त से नवंबर 2025 के बीच कुछ मामलों में अनाज दिए बिना ही शत-प्रतिशत स्टॉक प्राप्ति दर्ज होने जैसी स्थिति बनी, जिससे दुकानदारों को परेशानी हुई। डीलरों ने इन विसंगतियों के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में पीडीएस दुकानदारों और उनके परिवारों को अबुआ स्वास्थ्य चिकित्सा योजना में शामिल करने का अनुरोध भी किया गया। फेडरेशन ने कहा कि झारखंड में करीब 25 हजार पीडीएस दुकानदार सीमित आय के बीच खाद्य वितरण व्यवस्था संभाल रहे हैं और उनकी आर्थिक तथा स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी मांगों पर निर्णय जरूरी है।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि मांगें लंबे समय से लंबित रहने के कारण डीलरों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार की ओर से शीघ्र सकारात्मक फैसला नहीं होने पर राज्य स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर इसका दायरा बढ़ाया जाएगा।