गुमला जिले में परमवीर चक्र विजेता शहीद लांस नायक अल्बर्ट एक्का के पुत्र विंसेंट एक्का को कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत मिला ट्रैक्टर और रोटावेटर वापस ले लिया गया है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने 30 अगस्त को भूमि संरक्षण विभाग के पदाधिकारियों की मौजूदगी में दोनों कृषि यंत्र अपने कब्जे में लिए। पूरे मामले में लाभुक की हिस्सेदारी के भुगतान को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर और रोटावेटर की कुल कीमत 9.25 लाख रुपये थी। योजना में लागत का 50 प्रतिशत सरकारी अनुदान के रूप में और बाकी 50 प्रतिशत लाभुक की ओर से दिया जाना था। विभाग का कहना है कि लाभुक की निर्धारित हिस्सेदारी जमा नहीं हो सकी, जिसके कारण कृषि यंत्र फिलहाल वापस लिए गए हैं।
विंसेंट एक्का का पक्ष है कि उनके हिस्से की राशि भी सरकार की ओर से दी जानी थी, लेकिन उन्हें रकम नहीं मिली। उन्होंने कृषि यंत्र वापस लेने पहुंचे अधिकारियों पर दुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया है। यह उनका आरोप है और उपलब्ध विवरण में इस पर संबंधित अधिकारियों की अलग प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है।
कंपनी प्रतिनिधि के मुताबिक, विंसेंट एक्का ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। इसके बाद गुमला उपायुक्त को आवश्यक पहल का निर्देश मिला और भूमि संरक्षण विभाग की प्रक्रिया के तहत 23 दिसंबर 2024 को जारी गांव में ट्रैक्टर तथा रोटावेटर सौंपे गए थे।
प्रतिनिधि का दावा है कि ट्रैक्टर देते समय लाभुक ने अपनी हिस्सेदारी चुकाने में असमर्थता बताई थी। इसके बाद उपायुक्त फंड से इस राशि के भुगतान की बात कही गई, लेकिन कंपनी को रकम नहीं मिली। कंपनी के अनुसार, भुगतान के लिए अधिकारियों से कई बार संपर्क किया गया और कृषि यंत्र वापस लेने से लगभग दस दिन पहले लिखित सूचना भी दी गई थी।
भूमि संरक्षण पदाधिकारी ने कहा है कि योजना के प्रावधान के अनुसार आधी लागत लाभुक को जमा करनी थी। राशि नहीं मिलने के कारण ट्रैक्टर वापस लिया गया है। उनके अनुसार, निर्धारित हिस्सेदारी जमा होने के बाद ट्रैक्टर लौटाया जा सकता है। फिलहाल मामला इसी भुगतान के समाधान पर टिका है।