गुमला जिले में शहीद संतोष उरांव की नई आदमकद प्रतिमा स्थापित कर दी गई है। उनकी मां गीता देवी ने अपने स्तर पर नई प्रतिमा बनवाने और उसे दोबारा स्थापित कराने की जिम्मेदारी उठाई। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने इस काम पर अपनी निजी राशि से करीब तीन लाख रुपये खर्च किए।
इससे पहले संतोष उरांव की पुरानी प्रतिमा टूट गई थी और करीब एक महीने तक जमीन पर पड़ी रही। प्रतिमा फिर से लगवाने के लिए पहल नहीं होने पर गीता देवी ने स्वयं निर्माण कराने का निर्णय लिया। संतोष उरांव देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए थे।
गीता देवी के मुताबिक, उन्होंने प्रतिमा की दोबारा स्थापना के लिए स्थानीय विधायक और मंत्री चमरा लिंडा से तीन बार मुलाकात की थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से भी आग्रह किया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के बाद निजी खर्च से नई प्रतिमा तैयार कराई।
शहीद की मां ने कहा कि शहीदों का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, जब प्रतिमा स्थापित कराने के लिए कोई आगे नहीं आया तो उन्होंने एक मां के रूप में अपने बेटे के सम्मान के लिए खुद यह जिम्मा संभाला।
स्थानीय ग्रामीणों ने नई प्रतिमा लगने के बाद गीता देवी के प्रयास की सराहना की। ग्रामीणों का आरोप है कि पुरानी प्रतिमा घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के कारण टूटकर गिर गई थी। उपलब्ध विवरण में इस आरोप पर किसी अधिकारी या निर्माण से जुड़े पक्ष की प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
ग्रामीणों ने जिले में शहीदों की प्रतिमाओं और स्मारकों के नियमित रखरखाव की व्यवस्था बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि देखरेख की जिम्मेदारी स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि किसी शहीद का स्मारक लंबे समय तक क्षतिग्रस्त अवस्था में न रहे और परिजनों को निजी खर्च से उसका पुनर्निर्माण न कराना पड़े।