पश्चिमी सिंहभूम के गुवा में ठेका मजदूरों और सिक्योरिटी गार्डों ने अपनी मांगों को लेकर सेल के जनरल ऑफिस के सामने प्रदर्शन किया। झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के बैनर तले बुधवार देर शाम हुए इस प्रदर्शन के दौरान प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। करीब एक घंटे बाद यूनियन पदाधिकारियों और सेल प्रबंधन के बीच वार्ता हुई।
यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने वार्ता में खदान के कार्यस्थल पर ठेका मजदूरों के मोबाइल फोन ले जाने पर संभावित रोक का मुद्दा उठाया। यूनियन ने कहा कि यदि ठेका श्रमिकों पर ऐसा प्रतिबंध लगाया जाता है, तो अधिकारियों के लिए भी मोबाइल से संबंधित व्यवस्था समान होनी चाहिए।
सेल के मुख्य महाप्रबंधक चंद्रभूषण कुमार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल खदान क्षेत्र में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक का नियम लागू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसा नियम लागू होने की स्थिति में वह ठेका मजदूरों और सेल अधिकारियों सहित सभी पर समान रूप से प्रभावी होगा। साथ ही मजदूरों से काम के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की गई।
वार्ता में सिक्योरिटी गार्डों के रोजगार का सवाल भी उठा। मुख्य महाप्रबंधक ने आश्वासन दिया कि सिक्योरिटी गार्डों की छंटनी नहीं की जाएगी और मौजूदा व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों के लिए यह प्रमुख मांगों में से एक थी।
प्रबंधन की ओर से श्रमिक सुविधाओं से जुड़े अन्य विषयों पर भी जानकारी दी गई। नई एंबुलेंस की व्यवस्था के लिए टेंडर निकालने और निर्धारित प्रक्रिया से खरीद करने की बात कही गई। खदान क्षेत्र में मजदूरों के आवागमन के लिए नई बस लाने की दिशा में प्रयास करने का भी आश्वासन दिया गया।
उत्पादन को ध्यान में रखते हुए ठेका और स्थायी मजदूरों को उपहार देने का विषय भी वार्ता में आया। बातचीत समाप्त होने के बाद यूनियन अध्यक्ष ने इसे मजदूरों की एकजुटता का परिणाम बताया और कहा कि संगठन श्रमिकों के अधिकारों तथा सुविधाओं से जुड़े मुद्दे आगे भी उठाता रहेगा।