गुवा समेत चार खदानों में मोबाइल पर पूर्ण रोक का मजदूर संघ ने किया विरोध

सेल के झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस में ठेका श्रमिकों के मोबाइल फोन ले जाने और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध के आदेश को वापस लेने की मांग की गई है। संघ ने पुनर्विचार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

2 मिनट पढ़ें 4 बार पढ़ी गई
झारखंड24 का पूर्ण लोगो—प्रकाशक की लोगो-मात्र छवि के स्थान पर

पश्चिमी सिंहभूम के खदान क्षेत्रों में ठेका श्रमिकों के मोबाइल फोन ले जाने और इस्तेमाल पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध का विरोध शुरू हो गया है। झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने सेल के झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस प्रबंधन से आदेश वापस लेने की मांग की है। संघ ने मांग नहीं माने जाने पर गुवा, किरीबुरू, मेघाहातुबुरू और चिड़िया खदानों में एक साथ आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

संघ के केंद्रीय अध्यक्ष राम पांडेय ने कहा कि प्रबंधन को प्रतिबंध के आदेश पर पुनर्विचार करना चाहिए। उनका तर्क है कि काम के दौरान मशीन या वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल को रोकना सुरक्षा की दृष्टि से उचित हो सकता है, लेकिन पूरे खदान परिसर में फोन ले जाने पर रोक लगाने से श्रमिकों को परेशानी होगी।

मजदूर संघ ने मोबाइल संबंधी आदेश के साथ खदान क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया है। संघ ने अस्पताल और चिकित्सा सुविधाओं में सुधार, जर्जर आवासों की मरम्मत, स्वच्छ पेयजल तथा श्रमिकों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था करने की मांग रखी है।

इसके अलावा श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और खदान क्षेत्रों में चौबीस घंटे एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि प्रबंधन को कार्यस्थल की सुरक्षा के साथ कर्मचारियों की आवश्यक सुविधाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।

संघ ने प्रतिबंध के व्यावहारिक असर पर भी सवाल उठाया है। उसके अनुसार गुवा, किरीबुरू, मेघाहातुबुरू और चिड़िया की खुली खदानों के आसपास ग्रामीणों, स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही रहती है। ऐसे में केवल ठेका श्रमिकों के मोबाइल फोन पर पूर्ण रोक से तस्वीरें या वीडियो बनाए जाने को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं होगा।

फिलहाल संघ ने प्रबंधन से श्रमिकों की समस्याओं के समाधान और मोबाइल प्रतिबंध वाले आदेश की समीक्षा करने को कहा है। साथ ही स्पष्ट किया है कि वह सुरक्षा व्यवस्था का विरोध नहीं कर रहा, बल्कि पूरे परिसर में मोबाइल ले जाने पर लगाई गई रोक में बदलाव चाहता है। प्रबंधन की ओर से इस मांग पर किसी फैसले की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।