गोड्डा के पंचरूखी में फॉर्म-7 को लेकर विवाद, प्रशासन ने जांच का भरोसा दिया

पंचरूखी गांव में एक भाजपा बीएलए-2 के पास बड़ी संख्या में फॉर्म-7 होने के आरोप पर ग्रामीणों ने विरोध किया। अधिकारियों ने आवेदन लेकर जांच कराने की बात कही है।

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गोड्डा सदर प्रखंड के पंचरूखी गांव में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान फॉर्म-7 को लेकर गुरुवार को विवाद हो गया। ग्रामीणों ने भाजपा के बीएलए-2 विनय कुमार मंडल के पास बड़ी संख्या में फॉर्म मिलने का आरोप लगाते हुए आपत्ति जताई। हंगामे के बीच करीब दो घंटे तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।

ग्रामीणों का दावा था कि विनय कुमार मंडल के पास 200 से अधिक फॉर्म-7 थे और इन्हें तैयार करने में अनियमितता बरती गई है। लोगों ने उनसे पूछताछ की और जांच की मांग करते हुए मौके पर रोके रखा। ये आरोप अभी जांच के अधीन हैं और प्रशासन की ओर से किसी गड़बड़ी की पुष्टि नहीं की गई है।

सूचना मिलने पर मंत्री संजय यादव के पुत्र रजनीश यादव भी गांव पहुंचे। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घटनाक्रम की जानकारी दी। अधिकारियों के समक्ष उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म गलत तरीके से तैयार किए गए हैं और प्रक्रिया में अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।

हंगामे के बाद जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी प्रशांत कुमार लायक और सदर प्रखंड के बीडीओ दयानंद जायसवाल पंचरूखी पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों से जानकारी ली और स्थिति शांत कराने का प्रयास किया। भीड़ को देखते हुए मुफस्सिल थाना पुलिस को बुलाया गया। पुलिस विनय कुमार मंडल को अपने साथ थाने ले गई, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई।

बीडीओ ने स्थानीय बीएलओ से मामले से संबंधित आवेदन देने को कहा है, ताकि आरोपों की जांच की जा सके। उपलब्ध विवरण के अनुसार, बीएलए-2 मतदाताओं की ओर से फॉर्म-7 उपलब्ध करा सकते हैं, लेकिन उसकी जांच और सत्यापन बीएलओ के स्तर पर होता है। बिना जांच किसी फॉर्म को स्वीकार नहीं किया जाता।

सत्यापन में ऑनलाइन प्रविष्टि और चेकलिस्ट के जरिये संबंधित मतदाता की स्थिति भी जांची जाती है। पंचरूखी में बड़ी संख्या में फॉर्म मिलने के दावे के बाद अब प्रशासनिक जांच पर नजर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रक्रिया का पालन हुआ था या किसी स्तर पर अनियमितता की गई।