छात्र मुद्दों पर भाजपा का चार दिवसीय आंदोलन 8 सितंबर से, रांची समाहरणालय का होगा घेराव

भाजपा भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता की सीबीआई जांच और छात्र आंदोलनों से जुड़े मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर 8 से 11 सितंबर तक जिलों में प्रदर्शन करेगी।

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रांची में भाजपा के प्रस्तावित राज्यव्यापी आंदोलन से संबंधित दृश्य

रांची में छात्र मुद्दों को लेकर भाजपा का चार दिवसीय राज्यव्यापी आंदोलन 8 सितंबर से शुरू होगा। पार्टी ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता की सीबीआई जांच और छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग उठाई है। राजधानी में पहले दिन रांची समाहरणालय के समक्ष प्रदर्शन और घेराव का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।

पार्टी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी के अनुसार, आंदोलन 8 से 11 सितंबर तक चलेगा। इस अवधि में अलग-अलग तिथियों पर जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन के साथ उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक कार्यालयों के घेराव की योजना बनाई गई है। भाजपा ने कार्यक्रमों के संचालन के लिए प्रमुख नेताओं और जिलावार संयोजकों को जिम्मेदारी सौंपी है।

रांची में होने वाले प्रदर्शन में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू के शामिल होने की जानकारी दी गई है। पार्टी की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक वह 9 सितंबर को सरायकेला और 11 सितंबर को खूंटी में प्रस्तावित प्रदर्शनों में भी हिस्सा लेंगे। रांची और देवघर के कार्यक्रमों के लिए गणेश मिश्रा को संयोजक बनाया गया है।

आंदोलन के पहले दिन रांची के साथ दुमका, हजारीबाग, गिरिडीह, जमशेदपुर और गढ़वा में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। पार्टी ने बताया कि विभिन्न जिलों में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और मधु कोड़ा, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ तथा अन्य नेता निर्धारित कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे।

भाजपा का कहना है कि उसने पहले एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से मुख्य सचिव के समक्ष छात्रों से जुड़े मुकदमे हटाने की मांग रखी थी। पार्टी के मुताबिक, इस मांग पर राज्य सरकार की ओर से कदम नहीं उठाए जाने के बाद जिलावार आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई। यह पार्टी का पक्ष है और कार्यक्रम उसी घोषणा के आधार पर आयोजित किए जाने हैं।

चार दिनों के दौरान राज्य के सभी 24 जिला मुख्यालयों को आंदोलन में शामिल करने की योजना है। अलग-अलग जिलों के लिए नेताओं और संयोजकों की सूची भी तय की गई है। रांची में प्रस्तावित घेराव के कारण 8 सितंबर को समाहरणालय क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधि बढ़ने की संभावना है, जबकि आंदोलन का अगला चरण निर्धारित जिलों में आगे बढ़ेगा।