गोड्डा के पैरडीह-जमुआ अंडरपास में जलजमाव, रेल ओवरब्रिज बनाने की मांग

पैरडीह-जमुआ रेल अंडरपास में बरसात के दौरान तीन से चार फीट पानी जमा होने और दर्जनों गांवों का आवागमन प्रभावित होने का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया गया है।

2 मिनट पढ़ें 2 बार पढ़ी गई
गोड्डा के पैरडीह-जमुआ रेल अंडरपास में जलजमाव से बाधित आवागमन

गोड्डा-हंसडीहा रेलखंड पर सदर प्रखंड के पैरडीह-जमुआ स्थित रेल अंडरपास में जलजमाव की समस्या को लेकर रेल ओवरब्रिज बनाने की मांग उठी है। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र सौंपकर इस मामले में राज्य सरकार से पहल करने का आग्रह किया।

पत्र में कहा गया है कि ग्रामीणों के आवागमन के लिए बनाए गए अंडरपास में बरसात के दौरान तीन से चार फीट तक पानी भर जाता है। इसके कारण करीब दो महीने से आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों की आवाजाही बाधित है। दावा किया गया है कि जलजमाव की वजह से क्षेत्र के बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं।

समस्या के समाधान के लिए स्थानीय ग्रामीणों की ओर से लगातार आवाज उठाई जा रही है। हाल में युवा कांग्रेस ने भी जलजमाव वाले स्थान पर प्रदर्शन किया था। पत्र के अनुसार, हजारों ग्रामीण स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों को आवेदन देकर अंडरपास की समस्या दूर करने की मांग कर चुके हैं।

प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थल की जांच के बाद अंडरपास के स्थान पर रेल ओवरब्रिज बनाने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि रेलवे की ओर से अब तक इस दिशा में अपेक्षित पहल नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उन्होंने राज्य सरकार से संबंधित पक्षों के साथ समन्वय कर समाधान निकालने का अनुरोध किया।

इसके साथ ही पोड़ैयाहाट प्रखंड के डांडै गांव में प्रस्तावित पावर सब-स्टेशन का मुद्दा भी उठाया गया है। इलाके में लंबे समय से जारी बिजली समस्या दूर करने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने डांडै में सब-स्टेशन बनाने की योजना बनाई है, लेकिन चयनित स्थान पर पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं होने से निर्माण बाधित बताया गया है।

विधायक ने निगम के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को भेजे पत्र में प्रस्तावित स्थल बदलने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि डांडै से करीब एक किलोमीटर दूर मोहानी गांव में पर्याप्त सरकारी जमीन उपलब्ध है। वहां पावर सब-स्टेशन बनने से परियोजना आगे बढ़ सकती है और आसपास के क्षेत्र की बिजली समस्या के समाधान का रास्ता खुल सकता है।