गोड्डा जिले के सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना का संचालन वित्तीय संकट में फंस गया है। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई का कहना है कि अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक योजना की राशि सरस्वती वाहिनी माता समिति के खातों में नहीं पहुंची। संघ ने जिला शिक्षा अधीक्षक को ज्ञापन देकर बकाया राशि जल्द जारी करने की मांग की है।
संघ के जिला अध्यक्ष आनंद रजक के अनुसार, राशि उपलब्ध नहीं होने के बावजूद विद्यालयों में बच्चों का भोजन जारी रखने के प्रयास किए गए। कई प्रधानाध्यापकों ने दुकानदारों से उधार सामान लिया, जबकि कुछ ने अपनी निजी राशि खर्च की। अब दुकानदारों के भी और उधार देने में असमर्थता जताने से व्यवस्था चलाना कठिन हो रहा है।
शिक्षक संगठन ने चेतावनी दी है कि पहले खर्च की गई राशि का समायोजन नहीं हुआ तो 10 नवंबर से जिले के विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बंद किया जा सकता है। यह निर्णय प्रदेश कमेटी के आह्वान पर जिला इकाई ने लिया है। संघ के प्रदेश महासचिव राममूर्ति ठाकुर ने भी योजना प्राधिकरण के निदेशक को समस्या से अवगत कराया है।
संगठन की मांग है कि अप्रैल से अक्टूबर तक की बकाया राशि पुरानी व्यवस्था के अनुसार सरस्वती वाहिनी माता समिति के खातों में भेजी जाए। इसके साथ ही नवंबर से एसएनए स्पर्श व्यवस्था के तहत वेंडर के माध्यम से भुगतान शुरू किया जाए, ताकि भोजन का नियमित संचालन बना रहे।
संघ के महासचिव राधाकांत साह ने भुगतान अटकने के पीछे वेंडर के पंजीकरण और भुगतान प्रक्रिया पूरी नहीं होने की बात कही है। उनके मुताबिक तकनीकी कारणों से प्रखंडों को भी राशि नहीं भेजी जा रही है। इससे प्रधानाध्यापकों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
फिलहाल उपलब्ध विवरण में शिक्षा विभाग की ओर से भुगतान की निश्चित समयसीमा या संघ की चेतावनी पर कोई प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है। ऐसे में योजना की निरंतरता बकाया राशि जारी होने और नई भुगतान व्यवस्था समय पर शुरू होने पर निर्भर करेगी।