झारखंड के रीड-ए-थान को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की मान्यता, 28.85 लाख लोगों ने लिया था भाग

सभी 24 जिलों में आयोजित रीड-ए-थान में 28,85,734 प्रतिभागियों ने एक साथ 30 मिनट पढ़ा था। इस राज्यव्यापी भागीदारी को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने मान्यता दी है।

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झारखंड के राज्यव्यापी रीड-ए-थान में सामूहिक पठन करते प्रतिभागी

झारखंड के राज्यव्यापी रीड-ए-थान को सर्वाधिक प्रतिभागियों की भागीदारी के लिए एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से मान्यता मिली है। इस पठन गतिविधि में राज्य के सभी 24 जिलों से कुल 28,85,734 लोगों ने हिस्सा लिया था। अभियान का उद्देश्य बच्चों और समुदायों के बीच नियमित पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करना था।

रीड-ए-थान का आयोजन 8 सितंबर 2026 को ‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ विषय पर आधारित रीडिंग कैंपेन के तहत किया गया था। इसमें बच्चे, शिक्षक, परिवार, स्थानीय समुदायों के सदस्य, जिला अधिकारी और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े साझेदार शामिल हुए थे।

गतिविधि के दौरान सुबह 11 बजे से 11:30 बजे तक प्रतिभागियों ने अपने अन्य काम रोककर पढ़ने के लिए समय निकाला। विद्यालयों और कक्षाओं के साथ घरों, सामुदायिक परिसरों तथा सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों ने एक साथ 30 मिनट तक पठन किया।

अभियान ‘ड्रॉप एवरीथिंग एंड रीड’ की अवधारणा से प्रेरित था। इसके माध्यम से पढ़ने को केवल विद्यालय की गतिविधि तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का प्रयास किया गया। बच्चों को पढ़ने के साथ कल्पना करने, सीखने और अपनी बात व्यक्त करने के लिए प्रेरित करना भी इसके उद्देश्यों में शामिल था।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह ने जमीनी स्तर पर काम करने वाली टीमों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बच्चों में आनंद के साथ पढ़ने की संस्कृति विकसित करने के लिए ऐसी गतिविधियों को लगातार जारी रखने की जरूरत बताई और अभियान में सहयोग करने वाले साझेदारों के प्रति आभार जताया।

इस आयोजन में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, जिला शिक्षा टीमों, सरकारी अधिकारियों और विभिन्न नागरिक संगठनों के साझेदारों ने समन्वय किया। मान्यता को राज्य में स्वतंत्र पाठक तैयार करने और विद्यालयों से बाहर भी पठन को साझा अभ्यास के रूप में बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया है।