गोड्डा कॉलेज में लिब्रे ऑफिस प्रशिक्षण के लिए 612 विद्यार्थियों का नामांकन

स्पोकन ट्यूटोरियल कार्यक्रम की ऑनलाइन समीक्षा में गोड्डा कॉलेज का नामांकन राज्य के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों में सर्वाधिक बताया गया।

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गोड्डा कॉलेज में लिब्रे ऑफिस सुइट के प्रशिक्षण के लिए 612 विद्यार्थियों ने नामांकन कराया है। कॉलेज में यह प्रशिक्षण झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तथा आईआईटी बॉम्बे के एसआईएनई की स्पोकन ट्यूटोरियल परियोजना के संयुक्त कार्यक्रम के तहत संचालित किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह नामांकन संख्या राज्य के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों में सर्वाधिक बताई गई है।

कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा के लिए दो नवंबर को ऑनलाइन बैठक हुई। संयुक्त निदेशक डॉ. विभा पांडे की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राज्य के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में चल रहे कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की स्थिति पर चर्चा की गई। इसमें संस्थानवार नामांकन, कक्षाओं, प्रशिक्षण, मूल्यांकन और क्रियान्वयन की प्रगति देखी गई।

बैठक के दौरान अलग-अलग संस्थानों में कार्यक्रम पूरा होने की संभावित समयसीमा पर भी विचार किया गया। गोड्डा कॉलेज में 612 विद्यार्थियों के नामांकन और प्रशिक्षण कक्षाओं के संचालन की जानकारी सामने आने के बाद इस पहल की सराहना की गई। इसे विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया गया।

इस उपलब्धि के लिए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विवेकानंद सिंह, कार्यक्रम की नोडल पदाधिकारी डॉ. सच्ची स्नेहा तथा शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों को बधाई दी गई। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण से जोड़ने और कार्यक्रम के संचालन में महाविद्यालय की भूमिका की भी बैठक में प्रशंसा हुई।

स्पोकन ट्यूटोरियल कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। लिब्रे ऑफिस जैसे सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण उनकी नियमित पढ़ाई में उपयोगी होने के साथ डिजिटल कार्यों को समझने और करने की क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है।

कार्यक्रम से विकसित डिजिटल कौशल विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं तथा इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों में प्रभावी भागीदारी के लिए तैयार करने में सहायक हो सकता है। कॉलेज में बड़ी संख्या में हुआ नामांकन यह भी दर्शाता है कि विद्यार्थियों को औपचारिक पढ़ाई के साथ व्यावहारिक कंप्यूटर प्रशिक्षण से जोड़ने का प्रयास व्यापक स्तर पर किया गया है।