रांची के एचईसी परिसर में संचालित विद्यालयों में कर्मचारियों के बच्चों के नामांकन का मुद्दा उठाया गया है। एचईसी मजदूर संघ ने प्रबंधन से शैक्षणिक सत्र 2027-28 के दौरान कर्मचारियों के बच्चों को प्राथमिकता देने तथा उनके लिए पर्याप्त सीटें सुनिश्चित करने की मांग की है।
संघ के महामंत्री रमा शंकर प्रसाद का कहना है कि परिसर के विद्यालय एचईसी कर्मचारियों के बच्चों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किए गए थे। उन्होंने कहा कि एचईसी की जमीन और बुनियादी सुविधाओं का इस्तेमाल करने वाले विद्यालयों में कर्मचारी परिवारों को प्रवेश के समय परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मजदूर संघ ने आरोप लगाया है कि पिछले कुछ समय से नामांकन प्रक्रिया के दौरान कर्मचारियों और उनके बच्चों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संघ के अनुसार, कुछ स्कूलों की ओर से दाखिले को लेकर टालमटोल भी की जाती है। इन शिकायतों के आधार पर प्रबंधन से स्पष्ट नामांकन नीति बनाने की मांग रखी गई है।
संघ चाहता है कि आगामी सत्र में परिसर के सभी छोटे-बड़े विद्यालयों में एचईसी कर्मचारियों के बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए उपलब्ध सीटों और प्रवेश में मिलने वाली प्राथमिकता को लेकर प्रबंधन औपचारिक निर्देश जारी करे। नामांकन में आनाकानी करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई है।
शिक्षण शुल्क में छूट का विषय भी संघ की मांगों में शामिल है। रमा शंकर प्रसाद के मुताबिक, एचईसी प्रबंधन पहले कक्षा दसवीं तक शिक्षण शुल्क माफ करने का सर्कुलर जारी कर चुका है। हालांकि, कुछ विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए फीस माफी से संबंधित निर्देश अब तक जारी नहीं होने से कर्मचारियों के बीच असमंजस बना हुआ है।
मजदूर संघ ने प्रबंधन से 11वीं और 12वीं के लिए भी शुल्क माफी का सर्कुलर जारी करने को कहा है। इसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले एचईसी के शीर्ष प्रबंधन, विद्यालय प्रबंधकों और प्राचार्यों की बैठक बुलाकर एकसमान दिशा-निर्देश तय करने का आग्रह किया गया है। संघ ने उम्मीद जताई है कि समय रहते निर्णय होने से कर्मचारी परिवारों को राहत मिलेगी।