गोड्डा में अचानक बढ़े बिजली बिलों पर उपभोक्ताओं का विरोध, विभाग ने सुधार का दिया भरोसा

सामान्यतः 400 से 500 रुपये तक बिल आने वाले कई उपभोक्ताओं ने 10 हजार से 25 हजार रुपये तक का बिल मिलने की शिकायत की। बिजली कार्यालय पहुंचे लोगों को विभाग ने गलत बिलों में सुधार का आश्वासन दिया।

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गोड्डा बिजली कार्यालय में बढ़े हुए बिलों की शिकायत लेकर पहुंचे उपभोक्ता

गोड्डा जिले में बिजली के असामान्य रूप से बढ़े बिलों को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिजली कार्यालय पहुंचे। उनका कहना था कि जिन घरों में आम तौर पर 400 से 500 रुपये तक का मासिक बिल आता था, वहां इस बार 10 हजार से 25 हजार रुपये तक की राशि दर्ज कर दी गई। लोगों ने कार्यालय का घेराव कर बिल तय करने के आधार पर सवाल उठाए और शीघ्र सुधार की मांग की।

उपभोक्ताओं के अनुसार, वे नियमित रूप से बिजली बिल जमा करते रहे हैं। इसके बावजूद अचानक कई गुना अधिक राशि का बिल मिलने से परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। शिकायत करने पहुंचे लोगों ने विभाग से वास्तविक मीटर रीडिंग की जांच कराने और उसी के आधार पर संशोधित बिल जारी करने को कहा।

मौके पर मौजूद बिजली विभाग के एसडीओ संजय प्रसाद गुप्ता ने बिलिंग में गड़बड़ी होने की बात स्वीकार की। उन्होंने उपभोक्ताओं को आश्वासन दिया कि गलत पाए जाने वाले सभी बिलों को सुधारा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल किसी उपभोक्ता से गलत बिल की राशि नहीं ली जा रही है। कार्यालय पहुंचे कुछ लोगों के बिल में वहीं सुधार भी किया गया।

लोगों का दावा है कि यह परेशानी केवल अगस्त के बिल तक सीमित नहीं है। जुलाई में भी कई उपभोक्ताओं को सामान्य खपत की तुलना में दो गुना या उससे अधिक राशि के बिल मिले थे। महावीर नगर के वार्ड संख्या 12 निवासी मनोज दुबे ने बताया कि जुलाई में उनके मीटर की रीडिंग और बिल असामान्य था, फिर भी उन्हें राशि जमा करनी पड़ी।

कई उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर लगने के बाद ऐसी शिकायतें बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने निजी कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए व्यवस्था की जांच और समीक्षा की मांग रखी। कुछ लोगों ने गोड्डा जैसे क्षेत्रों में पुराने मीटर दोबारा लगाने की मांग भी की, हालांकि स्मार्ट मीटर और बढ़े बिलों के बीच किसी तकनीकी संबंध की विभागीय पुष्टि सामने नहीं आई है।

उपभोक्ताओं ने राज्य सरकार, केंद्र सरकार और झारखंड बिजली वितरण निगम के सचिव से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि बिलों की जांच और संशोधन जल्द नहीं हुआ तो वे आंदोलन तेज करेंगे। फिलहाल विभाग के आश्वासन के बाद प्रभावित लोगों को अपने बिलों में सुधार की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है।