गोड्डा में बैंक ऋण मामले में होटल और दो शॉपिंग सेंटर सील

रौतारा स्थित होटल एबीजे ग्रांड और दो शॉपिंग सेंटर पर जिला प्रशासन की मौजूदगी में सीलिंग की कार्रवाई हुई। बैंक ने करीब 14 से 15 करोड़ रुपये का ऋण बकाया होने की जानकारी दी है।

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गोड्डा के रौतारा में होटल और व्यावसायिक परिसरों पर सीलिंग की कार्रवाई

गोड्डा शहर के रौतारा इलाके में मंगलवार को होटल एबीजे ग्रांड और दो शॉपिंग सेंटर सील कर दिए गए। यह कार्रवाई जिला प्रशासन, पुलिस और बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में हुई। प्रशासन के अनुसार, अदालत के आदेश का अनुपालन करते हुए संबंधित परिसरों को बंधक संपत्ति के रूप में कब्जे में लिया गया है।

सीलिंग की प्रक्रिया के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी वैद्यनाथ उरांव और थाना प्रभारी शिवदयाल सिंह मौजूद रहे। बैंक की ओर से विकास कुमार और एस. अनुराग समेत अन्य कर्मी पहुंचे थे। कार्रवाई के समय वहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया था।

बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक, होटल से जुड़े संचालकों ने भारतीय स्टेट बैंक से करोड़ों रुपये का ऋण लिया था। किस्तों और ब्याज का नियमित भुगतान नहीं होने के बाद यह खाता गैर-निष्पादित परिसंपत्ति यानी एनपीए की श्रेणी में चला गया। बैंक ने कुल बकाया राशि करीब 14 से 15 करोड़ रुपये बताई है।

बैंक का कहना है कि ऋण भुगतान के लिए कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन पिछले तीन से चार वर्षों में अपेक्षित भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद एसबीआई की एसएमई शाखा ने ऋण वसूली के लिए अदालत का रुख किया। अदालत से सरफेसी अधिनियम की धारा 13(4) के तहत संपत्ति पर कब्जे और सीलिंग का आदेश मिला था।

एसडीओ वैद्यनाथ उरांव ने बताया कि संबंधित व्यवसायी वर्ष 2022-23 से ऋण भुगतान में चूककर्ता थे। उन्होंने कार्रवाई को न्यायालय के आदेश का अनुपालन बताया। सीलिंग के दौरान होटल और दोनों व्यावसायिक परिसरों को बंद कर प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की गई।

बैंक अधिकारियों के अनुसार, बकाया ऋण के बावजूद होटल को पटना के एक व्यक्ति को संचालन के लिए दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इस व्यवस्था की वार्षिक राशि करीब चार करोड़ रुपये बताई गई है। कार्रवाई के दौरान होटल का संचालन कर रहा प्रबंधक वहां से निकल गया। परिसरों की सीलिंग के बाद स्थानीय कारोबारी क्षेत्र में इस कार्रवाई की चर्चा रही।