गोड्डा में स्वास्थ्य भवनों की प्रगति की समीक्षा, काम में देरी पर संवेदकों को डीबार करने का निर्देश

गोड्डा के उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने स्वास्थ्य अवसंरचना से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने लंबित कामों की बाधाएं दूर करने, नियमित निरीक्षण और लापरवाह संवेदकों पर नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया।

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गोड्डा समाहरणालय में स्वास्थ्य अवसंरचना योजनाओं की समीक्षा बैठक

गोड्डा समाहरणालय में गुरुवार को स्वास्थ्य अवसंरचना से जुड़ी निर्माण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, भवनहीन स्वास्थ्य उपकेंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्यों पर बिंदुवार चर्चा हुई।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2023-24 के बीच महागामा, बोआरीजोर, पथरगामा और पोड़ैयाहाट में स्वीकृत चार ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट के लिए टेंडर और आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ये इकाइयां प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत स्वीकृत हैं।

15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 2021-22 से 2024-25 तक स्वीकृत 43 स्वास्थ्य भवनों की स्थिति भी समीक्षा के दायरे में रही। अधिकारियों के अनुसार इनमें से 41 भवनों की प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रिया पूरी हो गई है तथा निर्माण कार्य चल रहा है। शेष कार्यों की स्थिति और उन्हें आगे बढ़ाने के उपायों पर विचार किया गया।

पोड़ैयाहाट, बोआरीजोर, गोड्डा सदर और पथरगामा में नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए चिह्नित जमीन तथा निर्माण के रास्ते में आ रही बाधाओं पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने भूमि या अन्य कारणों से लंबित योजनाओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय करने और प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाएं सीधे आम लोगों से संबंधित हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और अधिकारियों को कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण करने को कहा, ताकि स्वीकृत मानकों के अनुसार काम सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में निर्देश दिया गया कि काम में लापरवाही, अनावश्यक विलंब या गुणवत्ता मानकों की अनदेखी करने वाले संवेदकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए और आवश्यकता होने पर उन्हें डीबार किया जाए। समीक्षा में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन तथा संबंधित निर्माण और विकास विभागों के अभियंता एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।