नामकुम में 350 एनसीसी कैडेटों ने टीबी मरीजों को सहयोग देने की शपथ ली

राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के उन्मुखीकरण में कैडेटों ने ऐप पर पंजीकरण कराया और मरीजों को सामाजिक व मनोवैज्ञानिक सहयोग देने का संकल्प लिया।

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नामकुम में टीबी उन्मूलन उन्मुखीकरण कार्यक्रम में उपस्थित एनसीसी कैडेट

रांची के नामकुम स्थित स्वास्थ्य मुख्यालय में राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय उन्मुखीकरण आयोजित किया गया। इसमें शामिल 350 एनसीसी कैडेटों ने टीबी मरीजों को सामाजिक और मनोवैज्ञानिक सहयोग देने की शपथ ली। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं की भागीदारी से झारखंड में टीबी के प्रति जागरूकता और मरीजों तक सहयोग का दायरा बढ़ाना था।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने टीबी के संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संभावित मरीजों की समय पर जांच और पहचान के बाद उपचार शीघ्र शुरू किया जाना जरूरी है। उन्होंने कैडेटों से टीबी के बारे में लोगों को जागरूक करने तथा मरीजों को सहयोग उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

उन्मुखीकरण के दौरान बताया गया कि एनसीसी कैडेटों की पहुंच जिला और प्रखंड से लेकर गांवों तक है। इसी नेटवर्क के माध्यम से वे टीबी मुक्त अभियान में सहयोगी भूमिका निभा सकते हैं। कैडेटों से मरीजों को गोद लेकर उनके साथ सामाजिक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर जुड़ने की भी अपील की गई।

एनसीसी मुख्यालय रांची की ओर से कर्नल रोहित ने राज्य के कैडेटों द्वारा अभियान में सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने बताया कि एनसीसी इससे पहले भी टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम चला चुकी है। कर्नल अनुराग सिंह ने रांची डिवीजन की ओर से टीबी उन्मूलन के लिए किए गए कार्यों की जानकारी प्रस्तुति के माध्यम से साझा की।

राज्य यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. कमलेश कुमार ने कैडेटों को राज्य में चल रहे टीबी कार्यक्रमों से अवगत कराया। उन्होंने कैडेटों से “माई भारत वॉलिंटियर अभियान” के तहत टीबी मुक्त भारत ऐप डाउनलोड कर पंजीकरण कराने और मरीजों के साथ सहयोगपूर्ण भूमिका निभाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी 350 कैडेटों ने ऐप के माध्यम से अपना पंजीकरण कराया। इसके बाद उन्होंने टीबी मरीजों को सामाजिक और मनोवैज्ञानिक सहायता देने का संकल्प लिया। आयोजन में स्वास्थ्य विभाग, एनसीसी और विश्व स्वास्थ्य संगठन से जुड़े अधिकारियों के साथ राज्यस्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।