गोमो-गया रेलखंड पर भूस्खलन से परिचालन बाधित, मलबा हटाकर तड़के बहाल की गई सेवा

नाथगंज और बसकटवा के बीच सुरंग संख्या-1 के पास मलबा आने से अप लाइन पर कई यात्री ट्रेनें और मालगाड़ियां रोकनी पड़ीं।

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गोमो-गया रेलखंड पर भूस्खलन के बाद बाधित रेल परिचालन का प्रतीकात्मक दृश्य

धनबाद रेल मंडल के गोमो-गया रेलखंड पर लगातार बारिश के बीच हुए भूस्खलन से सोमवार देर रात अप लाइन पर ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया। नाथगंज और बसकटवा हाल्ट के बीच सुरंग संख्या-1 के पास मलबा रेल पटरी तक पहुंचने के बाद कई यात्री ट्रेनों तथा मालगाड़ियों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा।

प्रभावित ट्रेनों में धनबाद से पटना जा रही गंगा-दामोदर एक्सप्रेस, हटिया-इस्लामपुर एक्सप्रेस, रांची-आरा एक्सप्रेस और नंदनकानन एक्सप्रेस शामिल थीं। रेलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर पटरी से मलबा हटाने का काम शुरू किया। करीब डेढ़ से दो घंटे तक सेवा ठप रहने के बाद तड़के लगभग तीन बजे नियंत्रित गति के साथ परिचालन बहाल किया गया।

भूस्खलन के कारण गंगा-दामोदर एक्सप्रेस कोडरमा स्टेशन के पास करीब डेढ़ घंटे खड़ी रही। परिचालन शुरू होने के बावजूद यात्रा पर देरी का असर बना रहा और ट्रेन लगभग पौने तीन घंटे विलंब से गया पहुंची। पटना पहुंचने में भी उसे लगभग इतना ही विलंब हुआ।

गंगा-दामोदर एक्सप्रेस के देर से पहुंचने का असर उसी रैक से संचालित पटना-दुमका और दुमका-पटना सेवा पर भी पड़ा। मंगलवार रात पटना से चलने वाली गंगा-दामोदर एक्सप्रेस के निर्धारित समय रात 11:20 बजे के बजाय देर रात 1:20 बजे रवाना होने की घोषणा की गई। इससे बुधवार को उसके धनबाद पहुंचने में भी देरी होने की संभावना बनी।

रांची-आरा एक्सप्रेस चार घंटे से अधिक विलंबित हुई। इसके कारण वापसी की आरा-रांची एक्सप्रेस भी देर से चलाई गई और मंगलवार को करीब पौने चार घंटे की देरी से गोमो पहुंची। इसके बाद ट्रेन देर रात रांची पहुंची।

रेलखंड पर सेवा बहाल कर दी गई है, लेकिन एक ट्रेन के विलंब का प्रभाव उससे जुड़ी वापसी अथवा साझा रैक वाली दूसरी सेवाओं तक पहुंचा। यात्रियों के लिए स्थिति सामान्य होने तक संबंधित ट्रेनों के परिचालन समय की जानकारी पर ध्यान देना जरूरी है।