घाघरा में लगातार बारिश से कई मकान क्षतिग्रस्त, प्रभावित परिवारों ने मांगी राहत

गुमला के घाघरा प्रखंड में बारिश और जलजमाव से कई गांवों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए। घरेलू सामान और अनाज के नुकसान के बाद प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से राहत, मुआवजा और आवास की मांग की है।

2 मिनट पढ़ें 8 बार पढ़ी गई
गुमला के घाघरा प्रखंड में बारिश से क्षतिग्रस्त मकान और बिखरा घरेलू सामान

गुमला जिले के घाघरा प्रखंड में लगातार बारिश और जलजमाव से कई गांवों में कच्चे तथा एस्बेस्टस की छत वाले मकानों को नुकसान पहुंचा है। कुछ मकान पूरी तरह गिर गए हैं। घरों के क्षतिग्रस्त होने से अनाज और रोजमर्रा का सामान भी मलबे में दब गया, जबकि प्रभावित परिवारों के सामने सुरक्षित आवास की समस्या खड़ी हो गई है।

गोया गांव में रफीक खान के मकान की दीवार गिरने के बाद उसकी चपेट में आकर जियाउल खान के घर की दीवार और एस्बेस्टस की छत भी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के समय परिवार के कुछ सदस्य मलबे में दब गए थे। आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत बचाव शुरू किया और सभी लोगों को बाहर निकाला। घायलों को उपचार के लिए गुमला सदर अस्पताल भेजा गया।

बारिश का असर प्रखंड के अन्य गांवों में भी सामने आया है। सरांगो नवाटोली में शंकर उरांव के मकान की दीवार गिरने से छत क्षतिग्रस्त हो गई। घाघरा के छठ मोहल्ले में ललिता देवी के घर का छप्पर और एस्बेस्टस टूट गया, जिससे परिवार के लिए मकान में रहना कठिन हो गया है।

मलगो गांव में लक्ष्मण राम के घर की दीवार ढहने से अनाज और दूसरी घरेलू वस्तुओं को नुकसान पहुंचा। उपलब्ध विवरण के अनुसार, मलबे में करीब दस बोरी चावल और गेहूं के साथ लहसुन, प्याज तथा दो साइकिलें दबकर नष्ट हो गईं। इससे परिवार के सामने आवास के साथ आवश्यक सामग्री जुटाने की चिंता भी बढ़ी है।

सलगी गांव में जलजमाव के बीच जगमोहन लोहरा का मकान पूरी तरह धराशायी हो गया। परिवार का आरोप है कि सड़क किनारे बने छोटे पुल से बारिश का पानी घर में प्रवेश करने के कारण यह स्थिति पैदा हुई। इस दावे की प्रशासनिक पुष्टि का विवरण उपलब्ध नहीं है, लेकिन मकान गिरने के बाद परिवार को रहने की जगह की जरूरत है।

प्रभावित लोगों ने प्रशासन से गांवों का स्थल निरीक्षण कराने और नुकसान का आकलन करने की मांग की है। उन्होंने तत्काल राहत सामग्री, मुआवजा तथा आवास उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। लगातार बारिश के बाद अलग-अलग गांवों में सामने आए नुकसान ने कमजोर मकानों में रह रहे परिवारों की परेशानी बढ़ा दी है।