चक्रधरपुर मंडल में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य, 14 ट्रेन सेवाएं अलग-अलग तारीखों में रद्द

बागडीही-झारसुगुड़ा रेलखंड पर चौथी लाइन की कमीशनिंग और यार्ड रीमॉडलिंग के कारण 31 अक्टूबर से 5 नवंबर तक टाटानगर होकर चलने वाली कई ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहेंगी।

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टाटानगर और चक्रधरपुर रेल मार्ग पर परिचालन बदलाव से संबंधित यात्री ट्रेन

जमशेदपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 31 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच रेल परिचालन में अस्थायी बदलाव किया गया है। बागडीही-झारसुगुड़ा रेलखंड पर चौथी लाइन की कमीशनिंग और यार्ड रीमॉडलिंग के लिए लिए गए ब्लॉक के दौरान टाटानगर, राउरकेला और हावड़ा मार्ग से गुजरने वाली 14 ट्रेन सेवाएं अलग-अलग तारीखों में रद्द रहेंगी।

रेलवे की जारी सूचना के अनुसार, मालदा टाउन-सूरत एक्सप्रेस 31 अक्टूबर और वापसी की सूरत-मालदा टाउन एक्सप्रेस 2 नवंबर को नहीं चलेगी। हावड़ा-कांताबांजी इस्पात एक्सप्रेस 3 नवंबर तथा कांताबांजी-हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस 4 नवंबर को रद्द रहेगी। इतवारी-टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस का परिचालन 1 से 3 नवंबर तक बंद रहेगा।

हटिया-झारसुगुड़ा एक्सप्रेस 1 से 3 नवंबर और झारसुगुड़ा-हटिया एक्सप्रेस 2 से 4 नवंबर तक रद्द की गई है। राउरकेला-जगदलपुर एक्सप्रेस 3 नवंबर और जगदलपुर-राउरकेला एक्सप्रेस 4 नवंबर को नहीं चलेगी। राउरकेला-पुरी-राउरकेला एक्सप्रेस की सेवा भी 3 नवंबर को प्रभावित रहेगी।

तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस 2 नवंबर और रक्सौल-तिरुपति एक्सप्रेस 5 नवंबर को रद्द रहेगी। भुवनेश्वर-राउरकेला-भुवनेश्वर एक्सप्रेस 3 नवंबर को नहीं चलेगी। इसके साथ ही राउरकेला-झारसुगुड़ा-राउरकेला मेमू 1 से 3 नवंबर तक रद्द रहेगी। कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस समेत कुछ अन्य प्रमुख ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव किया गया है।

यह बदलाव दीपावली और छठ से पहले यात्रा की तैयारी कर रहे यात्रियों को प्रभावित कर सकता है। विशेष रूप से टाटानगर और राउरकेला मार्ग पर सफर करने वालों को स्टेशन के लिए निकलने से पहले अपनी ट्रेन की नवीनतम स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से परिचालन संबंधी जानकारी के लिए रेलवे हेल्पलाइन 139 का उपयोग करने को कहा है। ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले यात्रियों के लिए रद्द ट्रेन का रिफंड सीधे उनके खाते में भेजे जाने की जानकारी दी गई है। रेलवे के मुताबिक, मौजूदा कार्य पूरा होने के बाद चौथी लाइन से रेल यातायात को सुगम बनाने और ट्रेनों की समयबद्धता सुधारने में मदद मिलने की उम्मीद है।