चक्रधरपुर स्थित कोल्हान नितिर तुरतुंग केंद्र में गुरुवार को विद्यार्थियों के लिए ध्यान और नशामुक्ति पर विशेष प्रेरणादायक सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 165 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। सत्र का उद्देश्य युवाओं को एकाग्रता, आत्मविश्वास और मानसिक शांति बनाए रखने के व्यावहारिक तरीके बताना था।
कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के संरक्षक माझी राम जामुदा ने अतिथियों का परिचय कराकर की। उन्होंने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। सत्र में माउंट आबू से बीके हितेश, बेगूसराय से बीके रंजीत तथा जमशेदपुर से बीके पूनम और बीके पायल शामिल हुए।
प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को ध्यान का अभ्यास कराया और नियमित मेडिटेशन के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ध्यान के माध्यम से एकाग्रता और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायता मिल सकती है। कठिन या विषम परिस्थितियों में मानसिक शांति बनाए रखने के उपाय भी विद्यार्थियों के साथ साझा किए गए।
सत्र में नशामुक्ति पर विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को समझाया कि नुकसान पहुंचाने वाली आदतें केवल शराब या मादक पदार्थों तक सीमित नहीं होतीं। मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल, किसी वस्तु की लगातार आदत या किसी व्यक्ति के प्रति अत्यधिक भावनात्मक निर्भरता भी व्यवहार को प्रभावित कर सकती है।
विद्यार्थियों को डिजिटल और व्यवहार संबंधी आदतों पर नियंत्रण रखने तथा आत्मअनुशासन विकसित करने की सीख दी गई। कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं और अन्य उपस्थित लोगों को नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई।
सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में योगदान के लिए संस्थान को ‘नेशनल पब्लिक अवेयरनेस मूवमेंट’ प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम में संयुक्त सचिव हेमंत सामड, मीडिया प्रभारी रबिन्द्र गिलुवा, संस्थापक सदस्य सत्यजीत हेमब्रोम, शिक्षक और संस्थान के अन्य सदस्य मौजूद रहे।