चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए रांची में 28 से 30 अक्टूबर तक सतर्कता बढ़ा दी गई है। मौसम विभाग ने इस अवधि में लगातार बारिश की संभावना जताते हुए जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उपायुक्त मंजुनाथ भजन्त्री ने संबंधित अधिकारियों को हालात पर नजर रखने और जरूरी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है।
पूर्वानुमान के अनुसार, लगातार बारिश से शहर के निचले इलाकों और सड़कों पर जलजमाव हो सकता है। नदियों और बड़े नालों का जलस्तर बढ़ने पर निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है। कच्चे मकानों, झुग्गियों और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने का खतरा बताया गया है।
आपदा प्रबंधन, राजस्व, नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत और जल संसाधन समेत संबंधित विभागों को तीन दिनों तक नियमित निगरानी करने को कहा गया है। स्थानीय प्रशासन और नगर निकायों को सड़क, नाली तथा जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश मिले हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी तैयार रखने को कहा गया है।
खेतों में पानी जमा होने से खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका के मद्देनजर अधिकारियों को किसानों तक आवश्यक सलाह पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन के मुताबिक मौसम की स्थिति की लगातार समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार आगे के निर्देश जारी किए जाएंगे।
नागरिकों से बारिश और गरज-चमक के दौरान पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की अपील की गई है। तेज हवा में पुराने पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग के पास नहीं जाने तथा इनके नीचे वाहन खड़े नहीं करने को कहा गया है। पानी भरी सड़कों पर वाहन चलाने और नदियों, नालों या जलभराव वाले क्षेत्रों के करीब जाने से बचने की सलाह भी दी गई है।
आंधी-तूफान के समय बिजली के उतार-चढ़ाव और शॉर्ट सर्किट से बचने के लिए सावधानी बरतने को कहा गया है। मौसम अधिक खराब होने पर मुख्य बिजली स्विच बंद करने और महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकालने की सलाह दी गई है। कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों से स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का विशेष रूप से पालन करने की अपील की गई है।