छतरपुर की सुखनदिया सिंचाई योजना के जीर्णोद्धार को तकनीकी मंजूरी, 4.89 करोड़ रुपये होंगे खर्च

पलामू के छतरपुर स्थित सुखनदिया मध्यम सिंचाई योजना के जीर्णोद्धार को तकनीकी स्वीकृति मिली है। योजना से खरीफ की करीब 300 और रबी की 80 हेक्टेयर भूमि तक सिंचाई सुविधा पहुंचने का अनुमान है।

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पलामू जिले के छतरपुर स्थित सुखनदिया मध्यम सिंचाई योजना के जीर्णोद्धार का रास्ता आगे बढ़ा है। करीब 4 करोड़ 88 लाख 97 हजार रुपये की इस परियोजना को लघु सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता ने तकनीकी स्वीकृति दे दी है। योजना को अब क्रियान्वयन से जुड़ी अगली विभागीय प्रक्रियाओं से गुजरना होगा।

विभागीय जानकारी के अनुसार, मुख्य अभियंता ने अधीक्षण अभियंता, मेदिनीनगर को आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भी तकनीकी स्वीकृति की पुष्टि करते हुए बताया कि योजना को धरातल पर उतारने के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जीर्णोद्धार की मांग लंबे समय से की जा रही थी।

परियोजना पूरी होने पर खरीफ के मौसम में लगभग 300 हेक्टेयर और रबी में करीब 80 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने का अनुमान है। इससे संबंधित क्षेत्र के किसानों को खेती के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होने और वर्षा पर निर्भरता घटने की संभावना है।

सुखनदिया सिंचाई प्रणाली की मुख्य नहर 7,930 मीटर और शाखा नहर 3,080 मीटर लंबी है। प्रस्तावित कार्यों में बांध, स्पिलवे, नहर, आउटलेट और पुलिया से जुड़ा जीर्णोद्धार शामिल है। इसके अतिरिक्त फॉल, क्रॉस ड्रेनेज और गार्ड वॉल पर भी काम कराया जाना है।

योजना के तहत मुख्य तथा शाखा नहरों से जुड़े हेड रेगुलेटर, क्रॉस रेगुलेटर, एस्केप और हेड रेगुलेटर गेट की संरचनाओं पर भी काम प्रस्तावित है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य पानी के प्रवाह को नियंत्रित करना और नहर प्रणाली के माध्यम से खेतों तक सिंचाई जल पहुंचाने की व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना विभागीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण चरण पार कर चुकी है। हालांकि किसानों को वास्तविक लाभ निर्माण और जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने के बाद ही मिल सकेगा। तय अनुमान के अनुसार सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने पर छतरपुर क्षेत्र में खरीफ और रबी, दोनों मौसमों की खेती को सहारा मिलने की उम्मीद है।