चतरा में जनगणना-2027 की तैयारी तेज, सभी 12 प्रखंडों के अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू

चतरा में जनगणना-2027 के जनसंख्या गणना चरण के लिए चार दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। अधिकारियों को डिजिटल आंकड़ा संग्रह, प्रपत्र प्रबंधन और तकनीकी प्रक्रिया समझाई जा रही है।

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चतरा में जनगणना-2027 के जिला स्तरीय प्रशिक्षण में उपस्थित अधिकारी और कर्मचारी

चतरा जिले में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की प्रशासनिक तैयारी शुरू हो गई है। जनसंख्या गणना को निर्धारित समय में और त्रुटिरहित ढंग से पूरा कराने के उद्देश्य से डीएमएफटी सभागार में चार दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। यह कार्यक्रम 26 से 29 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।

प्रशिक्षण में जिले के सभी 12 प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी शामिल हुए। उनके साथ चतरा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी और विभिन्न प्रखंडों से नामित अन्य अधिकारियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी रवि आनंद के निर्देश पर आयोजित किया जा रहा है।

जनगणना निदेशालय, झारखंड के सहायक निदेशक ज्ञान चंद्र महतो और जिला समन्वयक सन्नी आनंद ने प्रतिभागियों को गणना की प्रक्रिया से परिचित कराया। अधिकारियों को संबंधित प्रपत्रों के रखरखाव, मोबाइल आधारित सूचना संकलन और काम से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रक्रियाओं को समझाने के लिए व्यावहारिक उदाहरणों का भी उपयोग किया गया।

जनगणना-2027 के दूसरे चरण में आंकड़े जुटाने के लिए टैबलेट और मोबाइल एप्लिकेशन जैसे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा। उपलब्ध विवरण के अनुसार, नागरिकों को मोबाइल फोन या कंप्यूटर के जरिये अपनी गणना से संबंधित जानकारी स्वयं दर्ज करने की सुविधा भी मिलेगी। प्रशिक्षण में इसी डिजिटल व्यवस्था को सुचारु रूप से लागू करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

जिला भू-अर्जन पदाधिकारी-सह-जिला सांख्यिकी पदाधिकारी शशिकांत सिंकर ने अधिकारियों को जिम्मेदारी और सावधानी के साथ कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आंकड़े जुटाते समय किसी भी व्यक्ति की जानकारी छूटनी नहीं चाहिए। प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान सामने आने वाली शंकाओं का समाधान प्रशिक्षकों से कराने को भी कहा गया है।

जिला स्तरीय कार्यक्रम का उद्देश्य गणना से जुड़े अधिकारियों के बीच प्रक्रिया की समान समझ विकसित करना है। प्रशासन का जोर आंकड़ों की शुद्धता, प्रपत्रों के सही प्रबंधन और तकनीक के व्यवस्थित उपयोग पर है, ताकि जिले में जनगणना का आगामी चरण तय दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरा किया जा सके।