दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल में चांडिल-मधुकुंडा रेलखंड पर तीसरी लाइन के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। रेलवे ने इस परियोजना के लिए 613.99 करोड़ रुपये का ई-टेंडर जारी किया है। निर्माण कार्य को 36 महीने में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
परियोजना में नया रेल ट्रैक बिछाने के साथ बड़े और छोटे पुलों का निर्माण, मिट्टी से जुड़े कार्य तथा लेवल क्रॉसिंग संबंधी ढांचे विकसित किए जाएंगे। सिग्नलिंग, टेली-कम्युनिकेशन और सामान्य विद्युत कार्य भी इसके दायरे में रखे गए हैं।
टेंडर के अनुसार रेलखंड का विकास 25 टन लोडिंग क्षमता और डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के फीडर रूट की जरूरतों के अनुरूप किया जाएगा। इसमें भारतीय रेलवे के निर्धारित लोडिंग मानकों का ध्यान रखा जाएगा। परियोजना के तहत 2 गुणा 25 केवी ओवरहेड उपकरणों की स्थापना और कमीशनिंग भी प्रस्तावित है।
यह काम ईपीसी यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन व्यवस्था के तहत कराया जाएगा। इसके अंतर्गत सिविल निर्माण, रेलवे विद्युतीकरण तथा सिग्नलिंग और टेली-कम्युनिकेशन के कार्य एकीकृत रूप से पूरे किए जाने हैं। मुख्य एकमुश्त परियोजना कार्य के लिए करीब 418.27 करोड़ रुपये का प्रावधान बताया गया है।
टेंडर की सूचना 31 अगस्त को अपलोड की गई थी। निविदा जमा करने की प्रक्रिया 9 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी और बोलियां 23 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे तक स्वीकार की जाएंगी। इससे पहले 16 सितंबर को दोपहर 12 बजे प्री-बिड कॉन्फ्रेंस निर्धारित है। परियोजना की अर्नेस्ट मनी करीब 12.28 करोड़ रुपये रखी गई है।
तीसरी लाइन तैयार होने पर इस मार्ग पर ट्रेनों के परिचालन के लिए अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होगा। निर्धारित लोडिंग क्षमता और फ्रेट कॉरिडोर फीडर मानकों के अनुरूप ढांचा बनने से माल परिवहन की क्षमता भी बढ़ने की उम्मीद है। टेंडर में पुलों, भूमिगत केबल, इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर और अन्य संबंधित संरचनाओं के निर्माण का भी प्रावधान किया गया है।