चाईबासा में करमा पर्व के अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार बुधवार को अपने परिवार के साथ शहर के तीन पूजा स्थलों पर पहुंचे। उन्होंने वान टोला अखाड़ा, बरकन्दाज टोली और पुलहातु अखाड़ा में आयोजित समारोहों में भाग लिया तथा पारंपरिक विधि-विधान से करम देवता की पूजा-अर्चना की।
पूजा के दौरान उपायुक्त ने पश्चिमी सिंहभूम जिले के लोगों की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कार्यक्रमों में सदर चाईबासा के अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार और चाईबासा के अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार भी उपस्थित रहे।
तीनों अखाड़ों में करमा की सामुदायिक परंपराओं की झलक दिखाई दी। उपायुक्त ने वहां मौजूद लोगों के साथ सामूहिक झूमर नृत्य में भी हिस्सा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों की सहभागिता के बीच स्थानीय लोगों ने पारंपरिक तरीके से पर्व मनाया।
इस अवसर पर उपायुक्त ने करमा को झारखंड की लोक-संस्कृति, प्रकृति और कृषि परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व भाई-बहन के प्रेम को भी अभिव्यक्त करता है और करम देवता की आराधना के माध्यम से प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट की जाती है।
उपायुक्त के अनुसार, करमा पूजा सामुदायिक एकजुटता और सुख-समृद्धि की सामूहिक कामना से जुड़ी है। उन्होंने इसे धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बताया तथा नई पीढ़ी से अपनी सांस्कृतिक जड़ों और लोक परंपराओं से संबंध बनाए रखने का आह्वान किया।
अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने करमा को सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और सामूहिक भागीदारी का संदेश देने वाला पर्व बताया। अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार ने भी जिलेवासियों को शुभकामनाएं दीं और पर्व को प्रकृति तथा संस्कृति के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया।