पलामू जिले के छतरपुर प्रखंड के भीखही गांव में करमा पर्व पारंपरिक उत्साह और सामूहिक भागीदारी के साथ संपन्न हुआ। समापन के अवसर पर गांव के अखड़े में महिला-पुरुषों और युवक-युवतियों ने करमा गीत गाए तथा मांदर की थाप पर सामूहिक नृत्य किया। पारंपरिक वेशभूषा और लोक प्रस्तुतियों से समारोह में स्थानीय आदिवासी संस्कृति की झलक दिखाई दी।
समारोह में छतरपुर-पाटन के विधायक और झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं और लोगों को करमा पर्व की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में झामुमो केंद्रीय समिति के सदस्य एवं पलामू जिला प्रवक्ता चंदन प्रकाश सिन्हा, जिला परिषद सदस्य अमित जायसवाल और कौशल किशोर जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में झारखंड की आदिवासी और मूलवासी परंपराओं को राज्य की पहचान का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि सदियों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाने की जरूरत है। उनके अनुसार स्थानीय पर्व, लोकगीत और परंपराएं प्रदेश की सांस्कृतिक विशिष्टता को सामने लाती हैं तथा इनके संरक्षण में समाज के सभी वर्गों की भूमिका है।
चंदन प्रकाश सिन्हा ने करमा पर्व को भाई-बहन के संबंध और प्रकृति के प्रति आदिवासी समाज की आस्था से जुड़ा उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि आदिवासी जीवनशैली का मिट्टी, जल, जंगल और पेड़-पौधों से गहरा रिश्ता है। समारोह के दौरान हुई सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भी प्रकृति और सामुदायिक जीवन से जुड़े इस संबंध की अभिव्यक्ति देखने को मिली।
कार्यक्रम में स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। इनमें मुखिया डोमन यादव, चराई पंचायत के मुखिया रविंद्र राम, पंचायत समिति सदस्य सीता देवी और झामुमो के छतरपुर प्रखंड सचिव सनी कुमार भी शामिल थे। देर रात तक चले गीत-संगीत और नृत्य के साथ ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पर्व का समापन किया।