चाईबासा पुलिस लाइन में बुधवार को पुलिस बल ने कानून-व्यवस्था से जुड़ी आपात परिस्थितियों का सामना करने के लिए दंगा-रोधी मॉक ड्रिल की। अभ्यास का उद्देश्य संभावित उपद्रव या अनियंत्रित भीड़ जैसी स्थिति में पुलिसकर्मियों की तैयारी, सतर्कता और कार्रवाई की क्षमता को परखना था।
ड्रिल के दौरान पुलिसकर्मियों को भीड़ नियंत्रित करने के विभिन्न तरीकों का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में सूझबूझ बनाए रखते हुए कानून-व्यवस्था संभालने के लिए किस प्रकार समन्वित रूप से काम करना है।
अभ्यास में आवश्यकता पड़ने पर बल प्रयोग और आंसू गैस के गोले छोड़ने से संबंधित प्रशिक्षण भी शामिल रहा। इन गतिविधियों के माध्यम से यह देखा गया कि आकस्मिक स्थिति सामने आने पर पुलिस बल कितनी तेजी से प्रतिक्रिया कर सकता है और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किस तरह करता है।
मॉक ड्रिल के दौरान अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाने वाले पुलिसकर्मियों के बीच आपसी तालमेल पर भी ध्यान दिया गया। किसी उपद्रव के समय प्रभावी कार्रवाई के लिए त्वरित निर्णय के साथ बल के सदस्यों का समन्वय जरूरी होता है। इसी आधार पर अभ्यास में सामूहिक प्रतिक्रिया की क्षमता की जांच की गई।
पुलिस की इस तैयारी का केंद्र किसी संभावित अशांति के दौरान समय रहते स्थिति को नियंत्रित करना और शांति बनाए रखना रहा। चाईबासा पुलिस लाइन में हुआ यह अभ्यास वास्तविक घटना नहीं, बल्कि आपात स्थिति के लिए तैयार की गई प्रशिक्षण गतिविधि थी, जिसमें पुलिसकर्मियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने से जुड़े उपायों का अभ्यास किया।