चाईबासा में बाल संरक्षण पर जिलास्तरीय शिविर, स्पॉन्सरशिप योजना के लिए जागरूकता रथ रवाना

टाटा कॉलेज सभागार में आयोजित शिविर में 533 छात्र-छात्राओं और 500 से अधिक अभिभावकों व शिक्षकों ने भाग लिया। अधिकारियों ने पात्र बच्चों तक स्पॉन्सरशिप योजना की जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया।

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पश्चिमी सिंहभूम जिले में बाल अधिकार और बाल संरक्षण से जुड़े स्पॉन्सरशिप कार्यक्रम की जानकारी पात्र बच्चों तक पहुंचाने के लिए चाईबासा में जिलास्तरीय शिविर सह कार्यशाला आयोजित की गई। टाटा कॉलेज के ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने की।

शिविर में जिले के अलग-अलग प्रखंडों से करीब 533 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। आयोजन में 500 से अधिक अभिभावकों और शिक्षकों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम का केंद्र बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकार और परिवार आधारित देखभाल से जुड़ी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा।

उप विकास आयुक्त ने कहा कि जिले में बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण के तहत स्पॉन्सरशिप कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने योजना की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की जरूरत बताई, ताकि पात्र बच्चों को समय पर लाभ मिल सके। अभिभावकों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों से अपने क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने की अपील भी की गई।

सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल ने बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में प्रशासन के साथ समाज की जिम्मेदारी पर जोर दिया। सामाजिक सुरक्षा कोषांग के उपनिदेशक खुशेंद्र सोनकेशरी ने मिशन वात्सल्य के उद्देश्यों और बाल संरक्षण संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी। जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पुनीता तिवारी ने जिले में स्पॉन्सरशिप तथा फॉस्टर केयर योजना की मौजूदा स्थिति से प्रतिभागियों को अवगत कराया।

कार्यक्रम को संवादपरक बनाने के लिए रंगोली, सेल्फी प्वाइंट और गुब्बारा उड़ाने जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। बच्चों और अभिभावकों को इन गतिविधियों के माध्यम से बाल अधिकार तथा संरक्षण से जुड़े विषयों की जानकारी दी गई।

स्पॉन्सरशिप कार्यक्रम के व्यापक प्रचार और पात्र बच्चों तक इसकी सूचना पहुंचाने के उद्देश्य से एक जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। शिविर में प्रतिभागियों को सर्पदंश से बचाव और जरूरी सावधानियों के बारे में भी बताया गया तथा जागरूकता की शपथ दिलाई गई।