चाईबासा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 174वीं बटालियन ने पुलिस स्मृति दिवस और पुलिस झंडा दिवस मनाया। कंपनी कमांडेंट मनोज डंग के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों और जवानों ने देश की सुरक्षा तथा संप्रभुता की रक्षा करते हुए बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
समारोह के दौरान पुलिस बलों की सेवा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया गया। उपस्थित अधिकारियों एवं जवानों ने उन शहीदों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की, जिन्होंने देश की सेवा के दौरान अपने प्राणों का बलिदान दिया। कार्यक्रम का केंद्र उनके योगदान और पराक्रम का स्मरण रहा।
इस अवसर पर वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में हुई घटना को भी याद किया गया। वहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की तीसरी बटालियन के 10 जवान चीनी सेना के हमले का सामना करते हुए शहीद हो गए थे। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच उनके साहस को कार्यक्रम में विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
इसी ऐतिहासिक बलिदान की स्मृति में राष्ट्रीय स्तर पर 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य पुलिस बलों के उन कर्मियों के शौर्य तथा निस्वार्थ सेवा को सम्मान देने का अवसर है, जिन्होंने कर्तव्य के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया।
कार्यक्रम में पुलिस झंडा दिवस के महत्व पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। इसके माध्यम से पुलिस बलों की भूमिका, अनुशासन और सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति उनकी जिम्मेदारी को सम्मानपूर्वक याद किया गया। बटालियन के अधिकारियों तथा जवानों ने शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया।
समारोह में द्वितीय कमान अधिकारी रजनीश कुमार, उप कमांडेंट धर्मेंद्र नारायण सिंह और शांति किस्कू, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी चौहान तथा सहायक कमांडेंट पन्नालाल साव मौजूद रहे। इनके साथ बटालियन के अधीनस्थ अधिकारियों और जवानों ने भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाग लिया।