चाकुलिया के जामिरा पहुंचा 15 हाथियों का दल, धान की फसल को लेकर किसान चिंतित

सुनसुनिया जंगल से निकला 15 हाथियों का दल जामिरा पहाड़ के जंगल में पहुंचा है। आसपास के ग्रामीणों और किसानों ने जान-माल तथा धान की फसल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

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पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड में 15 जंगली हाथियों का एक दल जामिरा पहुंच गया है। ग्रामीणों के अनुसार, यह दल बीती रात सुनसुनिया जंगल से निकलकर बर्डीकानपुर-कालापाथर पंचायत क्षेत्र में आया। हाथियों की मौजूदगी से आसपास के गांवों में चिंता बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सभी हाथी फिलहाल जामिरा पहाड़ पर स्थित जंगल में हैं। जंगल के निकट बसे गांवों के निवासी संभावित नुकसान को लेकर सतर्क हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि हाथी शाम होने के बाद आबादी और खेतों की ओर आ सकते हैं।

क्षेत्र के किसान विशेष रूप से खेतों में खड़ी धान की फसल को लेकर परेशान हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, जंगली हाथी जंगल से निकलकर धान के पौधों को खाते हैं और खेतों से गुजरते समय फसल को पैरों से रौंद देते हैं। इससे तैयार हो रही फसल को नुकसान पहुंच रहा है।

हाथियों की गतिविधि शाम के समय बढ़ने की बात कही गई है। ग्रामीणों के अनुसार, अंधेरा होने के बाद दल जंगल से निकलकर खेतों में उतर आता है। इसी कारण खेतों के आसपास रहने वाले लोगों में जान-माल की सुरक्षा को लेकर भी भय बना हुआ है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और दल को सुरक्षित स्थान की ओर पहुंचाने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाने से आबादी वाले इलाकों और खेतों में संभावित नुकसान को रोका जा सकता है।

जामिरा और आसपास के गांवों में फिलहाल हाथियों की मौजूदगी को लेकर सतर्कता बनी हुई है। उपलब्ध विवरण में वन विभाग की किसी कार्रवाई या हाथियों को दूसरी जगह ले जाने की पुष्टि नहीं की गई है। ग्रामीण चाहते हैं कि विभाग सुरक्षा के लिए जल्द आवश्यक व्यवस्था करे।